पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दिया गया भारत रत्न सम्मान वापस लेने के संकल्प को शुक्रवार दिन में दिल्ली विधानसभा में पारित करने वाली अरविंद केजरीवाल सरकार रात तक पलट गई। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (आप) में बवाल मच गया है। पार्टी ने संकल्प की कॉपी सोशल मीडिया पर साझा करने वाली विधायक अलका लांबा से इस्तीफा मांग लिया है। अलका लांबा भी इसके लिए तैयार हो गई हैं।
वहीं इस मुद्दे पर पार्टी से निकाले गए विधायक व पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने सीएम केजरीवाल व उनकी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि अलका लांबा को तो बलि का बकरा बनाया जा रहा है। उन्होंने सदन का एक वीडियो जारी करते हुए व सदन में आप की तरफ से पेश किए गए संकल्प पत्र की तस्वीर शेयर करते हुए अलका लांबा को सॉफ्ट टारगेट बनाने की बात कही है।
कपिल ने अपने ट्वीट में लिखा, "अल्का लाम्बा को लाक्षागृह में फंसाया गया, राजीव गांधी का भारत रत्न वापस हो ये मांग मैंने 17 दिसम्बर को की थी, आज तिलक नगर विधायक जरनैल सिंह ने सदन में प्रस्ताव रखा, सदन ने एकमत से खड़े होकर ये प्रस्ताव पास किया , अध्यक्ष ने भी खड़े होकर इसका समर्थन किया, अलका बनी बलि का बकरा।"
कपिल ने एक और ट्वीट में लिखा, "प्रस्ताव लाने वाले - जरनैल सिंह; प्रस्ताव बनाने वाले - सौरभ भारद्वाज, सोमनाथ भारती; प्रस्ताव पास करवाने वाले - अध्यक्ष रामनिवास गोयल; जिसकी मर्जी के बिना सौरभ और रामनिवास जी कोई प्रस्ताव नहीं लाते - केजरीवाल; इसमें अलका लांबा कहां से आ गयी?"
कपिल ने ये भी लिखा कि, "AAP में आज खुद को कांग्रेस का ग़ुलाम और गांधी परिवार का वफ़ादार साबित करने की होड़ लगी हैं, केजरीवाल किसी को भी अपने से बड़ा ग़ुलाम नहीं बनने देना चाहते गांधी परिवार का सबसे बड़ा गुलाम बनने की इस रेस में अलका लांबा को रेस से ही बाहर किया जा रहा हैं।"
वहीं इस पूरे विवाद के बाद अलका लांबा ने एक ट्वीट किया है कि अब पार्टी जो फैसला करेगी उन्हें मंजूर होगा। हालांकि अभी तक अलका ने इस्तीफा नहीं दिया है। अलका ने लिखा, "आज दिल्ली विधानसभा में प्रस्ताव लाया गया की पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी जी को दिया गया भारत रत्न वापस लिया जाना चाहिये, मुझे मेरे भाषण में इसका समर्थन करने को कहा गया,जो मुझे मंजूर नही था,मैंने सदन से वॉक आउट किया। अब इसकी जो सज़ा मिलेगी,मैं उसके लिये तैयार हूं।"