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अलका लांबा इस्तीफा विवाद में कूदे कपिल मिश्रा, विधानसभा का नया वीडियो किया जारी

Sat, 22 Dec 2018 09:34 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दिया गया भारत रत्न सम्मान वापस लेने के संकल्प को शुक्रवार दिन में दिल्ली विधानसभा में पारित करने वाली अरविंद केजरीवाल सरकार रात तक पलट गई। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (आप) में बवाल मच गया है। पार्टी ने संकल्प की कॉपी सोशल मीडिया पर साझा करने वाली विधायक अलका लांबा से इस्तीफा मांग लिया है। अलका लांबा भी इसके लिए तैयार हो गई हैं।

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वहीं इस मुद्दे पर पार्टी से निकाले गए विधायक व पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने सीएम केजरीवाल व उनकी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि अलका लांबा को तो बलि का बकरा बनाया जा रहा है। उन्होंने सदन का एक वीडियो जारी करते हुए व सदन में आप की तरफ से पेश किए गए संकल्प पत्र की तस्वीर शेयर करते हुए अलका लांबा को सॉफ्ट टारगेट बनाने की बात कही है।

कपिल ने अपने ट्वीट में लिखा, "अल्का लाम्बा को लाक्षागृह में फंसाया गया, राजीव गांधी का भारत रत्न वापस हो ये मांग मैंने 17 दिसम्बर को की थी, आज तिलक नगर विधायक जरनैल सिंह ने सदन में प्रस्ताव रखा, सदन ने एकमत से खड़े होकर ये प्रस्ताव पास किया , अध्यक्ष ने भी खड़े होकर इसका समर्थन किया, अलका बनी बलि का बकरा।"
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कपिल ने एक और ट्वीट में लिखा, "प्रस्ताव लाने वाले - जरनैल सिंह; प्रस्ताव बनाने वाले - सौरभ भारद्वाज, सोमनाथ भारती; प्रस्ताव पास करवाने वाले - अध्यक्ष रामनिवास गोयल; जिसकी मर्जी के बिना सौरभ और रामनिवास जी कोई प्रस्ताव नहीं लाते - केजरीवाल; इसमें अलका लांबा कहां से आ गयी?"

कपिल ने ये भी लिखा कि, "AAP में आज खुद को कांग्रेस का ग़ुलाम और गांधी परिवार का वफ़ादार साबित करने की होड़ लगी हैं, केजरीवाल किसी को भी अपने से बड़ा ग़ुलाम नहीं बनने देना चाहते गांधी परिवार का सबसे बड़ा गुलाम बनने की इस रेस में अलका लांबा को रेस से ही बाहर किया जा रहा हैं।"

वहीं इस पूरे विवाद के बाद अलका लांबा ने एक ट्वीट किया है कि अब पार्टी जो फैसला करेगी उन्हें मंजूर होगा। हालांकि अभी तक अलका ने इस्तीफा नहीं दिया है। अलका ने लिखा, "आज दिल्ली विधानसभा में प्रस्ताव लाया गया की पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी जी को दिया गया भारत रत्न वापस लिया जाना चाहिये, मुझे मेरे भाषण में इसका समर्थन करने को कहा गया,जो मुझे मंजूर नही था,मैंने सदन से वॉक आउट किया। अब इसकी जो सज़ा मिलेगी,मैं उसके लिये तैयार हूं।"

सरकार की सफाई- यह संकल्प पत्र का मूल हिस्सा नहीं

केजरीवाल सरकार ने शुक्रवार रात को सफाई दी कि यह संकल्प का मूल हिस्सा नहीं था। इसे बाद में बगैर विधानसभा की इजाजत के जोड़ा गया। सरकार के इस दावे का विपक्षी दल भाजपा ने विरोध किया। भाजपा ने कहा कि सदन की पूरी कार्यवाही की रिकॉर्डिंग है।

अलका का आरोप है कि सिख विरोधी दंगों से जुड़े प्रस्ताव में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लिए जाने की बात कही गई थी, जिससे वह सहमत नहीं थी। उन दबाव डाला गया कि वह अपने भाषण में इसका जिक्र करें लेकिन ऐसा करने से उन्होंने इनकार कर दिया और सदन से वॉकआउट किया।

अब इसकी जो भी सजा मिलेगी, वह उसके लिए तैयार हैं। बाद में उन्होंने दावा किया कि इस मामले पर उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी बात की, जिन्होंने उन्हें विधायक पद से इस्तीफा देने को कहा है।

आप प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने सफाई में कहा कि जो संकल्प पास किया गया उसमें दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी से संबंधित हिस्सा विधानसभा में बांटे गए संकल्प का हिस्सा नहीं है। इसे एक विधायक ने अपनी कलम से संकल्प में संशोधन के तौर पर लिखा था। इस तरीके से इसे सदन से पास नहीं माना जा सकता है। माना जा रहा है कि पार्टी लाइन से इतर जाने पर सोमनाथ भारती पर भी कार्रवाई हो सकती है।
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जरनैल सिंह बोले, तकनीकी चूक

भारद्वाज की सफाई के बाद सिंह ने कहा कि यह सब तकनीकी चूक से हुआ। हालांकि, राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने के बारे में संकल्प में कहीं लिखा नहीं है, यह सिर्फ मौखिक तौर पर सदन में कहा गया था और सदन ने भी मौखिक सहमति दी थी। उन्होंने ही सिख विरोधी दंगा पीड़ितों को इंसाफ के लिए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का भारत रत्न सम्मान वापस लेने का संकल्प सदन में पेश किया था। सदन ने इसे ध्वनिमत से पास भी कर दिया था। सदन के बाहर भी उन्होंने संकल्प के पारित होने का दावा किया था। 

ये हुआ था सदन में 
आप विधायक जरनैल सिंह ने सदन में एक पेज का संकल्प पढ़ा था जिसमें राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने का जिक्र था। इसके बाद स्पीकर राम निवास गोयल ने सदन से कहा कि सभी विधायकों को खड़े होकर इसका समर्थन करना चाहिए। इस पर सभी आप विधायक खड़े हो गए। स्पीकर ने कहा कि ध्वनि मत से प्रस्ताव पास हो गया। 

गठबंधन की उम्मीदों पर पड़ सकता है असर
राजीव गांधी पर संकल्प का मुद्दे का असर आगामी लोकसभा चुनाव के लिए संभावित आप और कांग्रेस के गठबंधन पर पड़ सकता है। दोनों दलों के नेता भाजपा को हराने के लिए दिल्ली में गठबंधन करने के लिए पर्दे के पीछे बातचीत कर रहे हैं। आप का पारित संकल्प से पलटी मारना डैमेज कंट्रोल माना जा रहा है। 
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