फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांग्रेस-आप गठबंधन के कयासों पर पूर्णविराम, ये है बड़ी वजह

Sat, 22 Dec 2018 04:27 AM IST
vivek shukla विजय सिंघल, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
aap and congress
विज्ञापन

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन के एक साल से चल रहे कयासों पर शुक्रवार को करीब-करीब पूर्णविराम लग गया। विधानसभा में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने की मांग वाले संकल्प के पास होते ही तय हो गया कि गठबंधन नहीं होगा। इस पूरे घटनाक्रम की कारण बनी पूर्व सांसद सज्जन कुमार को आजीवन कारावास की सजा। 

विज्ञापन


दरअसल, आप को अब सिख समुदाय के वोट खिसकने का डर सताने लगा है। यह अलग बात है कि देर रात्रि तक आप नेता दावा करते रहे कि संकल्प पास नहीं हुआ। उधर, विधानसभा में संकल्प पास होने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने भाजपा-आप को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि हम पहले से ही कह रहे थे कि आप से गठबंधन नहीं होगा, क्योंकि वह भाजपा की बी टीम है।

एक वर्ष से लोकसभा चुनाव में कांग्रेस-आप के बीच गठबंधन के कयास लगाए जा रहे थे। आप ने कभी गठबंधन को लेकर न नहीं की, लेकिन कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अजय माकन व पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित इसे हमेशा नकारते रहे हैं। हाल ही में शीला दीक्षित ने कहा था कि गठबंधन का निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी करेंगे। इसके बाद फिर इसकी चर्चा शुरू हो गई थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

गठबंधन की संभावना न के बराबर

शुक्रवार को विधानसभा जो कुछ हुआ, उससे गठबंधन की राह कठिन हो गई है। दरअसल, आप ने जो संकल्प पास किया है, उससे कांग्रेस से कभी गठबंधन संभव ही नहीं है। स्व. राजीव गांधी वर्तमान अध्यक्ष राहुल गांधी के पिता थे तो पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के पति। आप राजीव गांधी को 84 दंगों के लिए जिम्मेदार ठहराती है तो कांग्रेस का कोई भी नेता व कार्यकर्ता आप से गठबंधन को तैयार ही नहीं होगा। आप के इस रवैये को लेकर कांग्रेस में गहरी नाराजगी है। अब यदि आप संकल्प पास न होने की बात कहती भी है तो भी गठबंधन की संभावना न के बराबर है।

पूर्व सांसद एवं कांग्रेस के दिग्गज नेता सज्जन कुमार को 84 दंगों में सजा के बाद पूरे समीकरण बदल गए हैं। देशभर का सिख समाज दंगों को लेकर एकजुट है। उसमें कांग्रेस के खिलाफ लहर बताई जा रही है। आप को लगने लगा है कि यदि अब भी चुप्पी साधे रखी तो सिख समुदाय के वोट से हाथ धोना पड़ सकता है। सूत्रों के अनुसार, संकल्प पास होने के बाद सियासी नफे-नुकसान का पता चला तो पूरी पार्टी संकल्प पास न होने का स्पष्टीकरण देने में लगी है।

आप का असली चेहरा सामने आया : माकन 
अजय माकन ने विधानसभा की कार्यवाही के बाद ट्वीट किया कि स्व. राजीव गांधी ने देश के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया है। पूरे घटनाक्रम से आप का असली चेहरा सामने आ गया है। मै हमेशा से कहता रहा हूं कि आप, भाजपा की बी टीम है। आप ने गोवा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़ में अपने प्रत्याशी उतारे, ताकि कांग्रेस के वोट काट सके। वह भाजपा की मदद करना चाहती थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें