दिल्ली विधानसभा चुनाव में मतदाता आज अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस चुनाव में जहां सबसे अधिक मतदाताओं वाली सीटों पर प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला होगा, वहीं सबसे कम मतदाताओं वाली सीटों पर भी हार-जीत का अंतर दिलचस्प रहने वाला है। पार्टियों की चुनावी रणनीति भी मतदाताओं की संख्या पर निर्भर रही। कुल मिलाकर यह कहना गलत नहीं होगा कि मतदाताओं की संख्या से ही नंबर गेम तय होगा।
दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से कुछ सीटें ऐसी हैं, जहां मतदाताओं की संख्या अधिक होने के कारण चुनाव परिणामों पर विशेष प्रभाव पड़ेगा। विकासपुरी सबसे अधिक मतदाताओं वाली सीट है। यहां 4.64 लाख मतदाता है। सीट पर आप से महेंद्र यादव, भाजपा से डॉ. पंकज कुमार सिंह, कांग्रेस से जितेंद्र सोलंकी मैदान में हैं। मटियाला सीट पर 4.54 लाख मतदाता हैं। यहां आप से सुमेश शौकीन, भाजपा से संदीप सहरावत, कांग्रेस से रघुविंदर शौकीन मैदान में है। बुराड़ी सीट पर 4.26 लाख मतदाता हैं। यहां आप से संजीव झा, जदयू से शैलेंद्र कुमार, कांग्रेस मंगेश त्यागी मैदान में है। ओखला सीट पर 3.80 लाख मतदाता है। यहां आप से अमानतुल्लाह खान, भाजपा से मनीष चौधरी, कांग्रेस से अरीबा खान मैदान में हैं।
बवाना सीट पर 3.84 लाख मतदाता है। यहां आप से जय भगवान, भाजपा से रविंदर कुमार (इंद्रराज), कांग्रेस से सुरेंद्र कुमार मैदान में है। वहीं दिल्ली कैंट पर सबसे कम 79 हजार 667 मतदाता हैं। आप से वीरेंद्र सिंह कादियान, भाजपा से भुवन करण सिंह तंवर, कांग्रेस से प्रदीप कुमार उपमन्यु मैदान में हैं। नई दिल्ली सीट पर 1.08 लाख मतदाता है। यहां आप से अरविंद केजरीवाल, भाजपा से प्रवेश वर्मा, कांग्रेस से संदीप दीक्षित मैदान में है। चांदनी चौक पर 1.26 लाख मतदाता है। यहां आप से पुनर्दीप सिंह साहनी, भाजपा से सतीश जैन, कांग्रेस से मुदित अग्रवाल मैदान में है। मटिया महल पर 1.29 लाख मतदाता है। यहां आप से आले मोहम्मद इकबाल, भाजपा से दीप्ति इंदौरा, कांग्रेस से आसिम अहमद खान मैदान में हैं।
जंगपुरा में 1.48 लाख मतदाता हैं। यहां आप से मनीष सिसौदिया, भाजपा से तरविंदर सिंह मारवाह, कांग्रेस के फरहाद सूरी मैदान में है। दिल्ली विधानसभा में अधिक मतदाताओं वाली सीटों पर हार-जीत का अंतर बड़ा हो सकता है, क्योंकि यहां कुल मतों की संख्या ज्यादा होती है। वहीं, कम मतदाताओं वाली सीटों पर कम अंतर से भी जीत-हार तय हो सकती है। इस बार मतदान प्रतिशत और मतदाताओं की सक्रियता भी अहम भूमिका निभाएगी।