देश की समृद्ध एतिहासिक विरासत की झलक दिल्ली विधान सभा चुनाव में भी दिख रही है। कभी तुगलक वंश की राजधानी रहा तुगलकाबाद गांव दिल्ली की सियासत की चमकता सितारा बना हुआ है। इसी गांव के चार धुरंधर सत्ता संग्राम में ताल ठोक रहे हैं। इसमें से दो पर बाजी भाजपा ने लगाई है और दो पर कांग्रेस ने। दिलचस्प यह है कि चारों उम्मीदवार एक ही बिरादरी यानी गुर्जर समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।
दरअसल, सात बार बसने और उजड़ने के क्रम में एक बार तुगलकाबाद गांव भी मुगल सल्तनत की सत्ता की धुरी रहा है। 14वीं सदी की शुरुआत में बसा यह इलाका तुगलक वंश की राजधानी बना। मौजूदा वक्त में भी यह दिल्ली विधानसभा चुनाव में सियासत का अखाड़ा बना हुआ है। कालकाजी क्षेत्र में मुख्यमंत्री आतिशी के खिलाफ इस गांव के निवासी भाजपा नेता व पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, तुगलकाबाद क्षेत्र में इस गांव के निवासी भाजपा उम्मीदवार रोहताश बिधूड़ी और उनके सामने कांग्रेस के टिकट पर वीरेंद्र बिधूड़ी चुनावी मैदान में हैं।
उधर, दिल्ली की कई दूसरी सीटों पर भी दिल्ली के गांवों के सूरमा ताल ठोक रहे हैं। तुगलकाबाद से सटे संगम विहार में तुगलकाबाद गांव के निवासी हर्ष चौधरी कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे है। उनके पिता शीशपाल बिधूड़ी इस क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। वह तुगलकाबाद क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं। इस गांव के निवासी रामवीर बिधूड़ी बदरपुर क्षेत्र से चार बार विधायक चुने गए थे। वह वर्तमान में दक्षिण दिल्ली क्षेत्र से सांसद है। इसके चलते इस चुनाव में भी यह गांव राजनीतिक तौर पर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
दूसरे गांवों के धुरंधर भी मैदान में
साहिब सिंह के मुख्यमंत्री बनने से सुर्खियों में आया मुंडका गांव भी इस बार राजनीतिक चर्चा में छाया हुआ है। साहिब सिंह के पुत्र व पूर्व सांसद प्रवेश वर्मा नई दिल्ली क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ किस्मत आजमा रहे है। वहीं, मुंडका गांव के निवासी व वर्तमान विधायक धर्मपाल लाकड़ा मुंडका क्षेत्र से एक बार फिर चुनाव लड़ रहे है। मुंडका गांव की भांति उससे सटे नांगलोई क्षेत्र में नांगलोई गांव के रोहित चौधरी (कांग्रेस) और दिल्ली सरकार के मंत्री रघुविंद्र शौकीन (आप) से एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बादली गांव के निवासी
बादली क्षेत्र में बादली गांव के पूर्व विधायक व प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव व दीपक चौधरी ने एक-दूसरे के सामने ताल ठोक रखी है। मटियाला क्षेत्र से आप के उम्मीदवार सुमेश शौकीन व कांग्रेस के उम्मीदवार रघुविंद्र शौकीन छावला गांव के निवासी है। पालम क्षेत्र में पालम के निवासी व आप उम्मीदवार जोगेंद्र सोलंकी व कांग्रेस उम्मीदवार मांगेराम आमने-सामने है। इसी तरह आरकेपुरम क्षेत्र में मुनिरका गांव निवासी व वर्तमान विधायक प्रमिला टोकस व कांग्रेस उम्मीदवार विशेष टोकस भी एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे है।
छतरपुर में चचेरे भाइयों में मुकाबला
छतरपुर क्षेत्र में चचेरे भाई चुनाव लड़ रहे है। भाजपा से वर्तमान विधायक करतार सिंह तंवर और आप से पूर्व विधायक ब्रह्म सिंह तंवर चुनाव लड़ रहे है। उनके बीच लगातार तीसरी बार टक्कर हो रही है। वर्ष 2015 व 2020 में वे एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ चुके है। जब करतार सिंह तंवर आप उम्मीदवार और ब्रह्म सिंह तंवर भाजपा उम्मीदवार थे। दोनों बार करतार सिंह तंवर ने बाजी मारी थी।