मनोज तिवारी को दिल्ली भाजपा की कमान
आम आदमी पार्टी के 'पूर्वांचली कॉन्सेप्ट ने जिस तरह दिल्ली से कांग्रेस का सफाया कर दिया, उससे भाजपा को भी झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए लोगों की आबादी का अंदाजा हुआ। जिसके बाद पूर्वांचल के लोकप्रिय चेहरे मनोज तिवारी को दिल्ली प्रदेश की कमान सौंपी गई।
2015 के मुकाबले इस बार भाजपा ने अधिक पूर्वांचली उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। इस के साथ ही चुनाव में जदयू और लोजपा से साथ गठबंधन भी कर लिया है। इसके अलावा भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची में भी कई ऐसे नाम हैं जो पार्टी की रणनीति साफ करते हैं।
भाजपा ने प्रचारकों में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नित्यानंद राय मनोज तिवारी, निरहुआ, रवि किशन को शामिल किया है। ये सभी ऐसे नेता हैं जिनका पूर्वांचल के मतदाताओं पर सीधा असर पड़ सकता है।
हालांकि कांग्रेस इस मामले में थोड़ी कमजोर नजर आती है। पिछले पांच वर्षों से महाबल मिश्रा जैसे असरदार नेता को दरकिनार करने के बाद कांग्रेस को पूर्वांचलियों को साधने के लिए नए चेहरे की जरूरत थी, जिसके लिए उन्होंने कीर्ति आजाद का सहारा लिया। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भागवत झा आजाद के बेटे कीर्ति आजाद को कांग्रेस ने दिल्ली विधानसभा चुनाव समिति का आध्यक्ष बनाया है।
ऐसे में देखना यह है कि अब 30-32 फीसदी की आबादी वाले पूर्वांचली मतदाता भाजपा, कांग्रेस और आप में से किसके खेमे में जाते हैं। उसी से पता चलेगा कि क्षेत्रीयता के आधार पर रणनीति करने में कौन सी पार्टी कितनी सफल हो पाई।