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दिल्ली के दिल चांदनी चौक पर कौन करेगा कब्जा? झुग्गियों में रात गुजारने का नुस्खा कितना होगा कामयाब?

Tue, 28 Jan 2020 01:12 PM IST
प्राची प्रियम अमित शर्मा, अमर उजाला
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चांदनी चौक
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चांदनी चौक को पुरानी दिल्ली की शान कहा जाता है। इसे अंग्रेज औरतों के लिए खरीदारी करने के लिए बसाया गया था, लेकिन एक तरफ यहां के चांदनी चौक, सदर बाजार और मॉडल टाउन टॉप क्लास के इलाके हैं तो इसी लोकसभा क्षेत्र में शकूर बस्ती, त्रिनगर और वजीरपुर विधानसभा क्षेत्रों में झुग्गी-झोपड़ियों का जाल बिछा हुआ है। 

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एक तरफ आलिशान खूबसूरती तो दूसरी तरफ दिल्ली को आइना दिखाती यहां की गरीबी। आम आदमी पार्टी सरकार की मुफ्त बिजली-पानी की योजना यहां गरीबों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है, तो भाजपा नेता मनोज तिवारी और विजय गोयल लगातार इन्हीं झुग्गियों में रात्रि प्रवास कर उन्हें भाजपा के पक्ष में मोड़ने में लगे हैं। 

झुग्गी-झोपडी के लोगों को किसके दावे पर ज्यादा भरोसा हुआ, यह तो 11 फरवरी को ही पता चलेगा जब ईवीएम मशीनें खुलेंगी, लेकिन तब तक एक नजर चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र की सभी विधान सभा सीटों पर डालते हैं।   
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चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र में मॉडल टाउन इस समय सबसे ज्यादा चर्चित विधानसभा सीट बन गई है। इसकी वजह बने हैं मॉडल टाउन से भाजपा उम्मीदवार कपिल मिश्रा जिन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव को भारत-पाकिस्तान का मैच बताकर विवाद खड़ा कर दिया था। इस विवादित बयान के लिए चुनाव आयोग द्वारा 48 घंटे के लिए चुनाव प्रचार से रोके जाने के बावजूद वापस आते ही कपिल मिश्रा दोबारा उसी तरह की फील्डिंग में लग गये हैं। 

करावल नगर से टिकट न मिल पाने के बाद भाजपा ने उन्हें मॉडल टाउन से मैदान में उतारा था। कल तक उन्हें यहां कोई नहीं जानता था, लेकिन एक विवाद खड़ा कर अपनी पहचान बनाने के नुस्खे से लोग अब उन्हें पहचानने लगे हैं। उनका सामना आम आदमी पार्टी के यहां से स्थानीय विधायक अखिलेश त्रिपाठी से हो रहा है। कांग्रेस ने यहां से महिला उम्मीदवार आकांक्षा को मैदान में उतारा है।

आदर्श नगर विधानसभा सीट झुग्गी-झोपडी बहुल एरिया है। यही कारण है कि भाजपा नेता विजय गोयल और मनोज तिवारी अक्सर यहां रात्रि विश्राम कार्यक्रम के जरिये चुनाव प्रचार करते हुए देखे जा रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने यहां से पवन शर्मा को और भाजपा ने राजकुमार भाटिया को मैदान में उतारा है। कांग्रेस उम्मीदवार मुकेश गोयल भी यहां से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

शालीमार बाग सीट पर दो पार्टियों की महिला प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। यहां आप की बंदना कुमारी और भाजपा की रेखा गुप्ता के बीच अच्छा संघर्ष देखने को मिल रहा है। कांग्रेस ने जेएस नयोल को यहां से मैदान में उतारा है।

दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन आप के टिकट पर शकूर बस्ती से फिर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। यहां उनकी लड़ाई लगभग एक तरफा मानी जा रही है। अपने क्षेत्र में ढेरों मोहल्ला क्लिनिक खोलकर वे लोगों के स्वास्थ्य पर खर्च को लगभग शून्य कर चुके हैं। अरविंद केजरीवाल सरकार की फ्री बिजली-पानी की योजना भी यहां काफी कारगर साबित होती दिख रही है। भाजपा ने उनके मुकाबले में एससी वत्स और कांग्रेस ने देव रानी अरोड़ा को मैदान में उतारा है।

त्रिनगर विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी प्रत्याशी जितेन्द्र तोमर और भाजपा प्रत्याशी तिलकराम गुप्ता के बीच सीधी लड़ाई के आसार हैं। कांग्रेस ने यहां से अपने जाने-पहचाने चेहरे कमलकांत शर्मा को मौका दिया है। वजीरपुर विधानसभा सीट पर भाजपा की दावेदारी बेहतर बताई जा रही है। यहां से उसके बड़े चेहरे महेंद्र नागपाल मैदान में हैं और अच्छी लड़ाई लड़ रहे हैं। हालांकि आम आदमी पार्टी राजेश गुप्ता उन्हें अच्छी टक्कर दे रहे हैं। कांग्रेस ने यहां से हरी किशन जिंदल को मैदान में उतारा है।
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सदर बाजार की सीट पर भी भाजपा की दावेदारी बेहतर बताई जा रही है। टिकटों पर मचे घमासान के बीच भाजपा के दिग्गज नेता विजय गोयल यहां से अपने करीबी उम्मीदवार जय प्रकाश को टिकट दिलवाने में कामयाब रहे हैं। गोयल की व्यापारी वोटरों पर पकड़ बेहतर बताई जाती है। यही कारण है कि जय प्रकाश की दावेदारी को यहां से काफी मजबूत माना जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने यहां से सोमदत्त को तो कांग्रेस ने सतबीर शर्मा को मौका दिया है।

चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के टिकट पर पिछला चुनाव जीत चुकीं अलका लाम्बा इस बार कांग्रेस के टिकट पर मैदान में हैं। उनकी छवि, कामकाज, लोगों से व्यक्तिगत संबंध यहां से उनकी ताकत बनकर उभरे हैं और उन्हें इसका लाभ मिल सकता है। आप उम्मीदवार पीएस शाहनी उन्हें अच्छी टक्कर दे रहे हैं। भाजपा ने सुमन कुमार गुप्ता को यहां से मैदान में उतारा है।

शोएब इकबाल के अरविंद केजरीवाल के साथ आ जाने के कारण माटिया महल पर आम आदमी पार्टी की लड़ाई एक-तरफा मानी जा रही है। वे जिस भी पार्टी में गये, यहां के मतदाताओं ने उन्हें अपना आशीर्वाद बरकरार रखा। यही कारण है कि इस बार भी चुनाव में उनकी दावेदारी बहुत मजबूत मानी जा रही है। भाजपा ने यहां से अपने पूर्व महापौर रविन्द्र गुप्ता को मैदान में उतारा है। वे शोएब को बेहतर टक्कर दे रहे हैं। कांग्रेस ने इस सीट पर मिर्जा जावेद अली पर भरोसा किया है।

बल्लीमारान विधानसभा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार इमरान हुसैन और कांग्रेस के दिग्गज नेता हारून युसूफ के बीच कांटे की लड़ाई मानी जा रही है। दिल्ली की जिन सीटों पर कांग्रेस अपनी जीत का भरोसा कर रही है, उनमें बल्लीमारान की सीट भी काफी प्रमुख स्थान रखती है। भाजपा ने यहां से लता सोढ़ी को अवसर दिया है।
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