दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार नेताओं के नामांकन ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अब तक नामांकन के आखिरी दिन ही सबसे ज्यादा नामांकन पत्र दाखिल किए जाते थे, लेकिन सोमवार को आखिरी तारीख से ठीक एक दिन पहले 500 से ज्यादा नामांकन के पर्चे भरे गए। देर रात तक चुनाव कार्यालय में नामांकन पत्रों का ब्योरा एकत्रित करने में अधिकारी जुटे रहे। 2013 और 2015 के चुनाव में सबसे ज्यादा नामांकन पत्र आखिरी दिन जमा किए गए थे।
सोमवार सुबह आप पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली स्थित वाल्मीकि मंदिर से नामांकन दाखिल करने पहुंचे लेकिन देरी होने के चलते वे नामांकन नहीं कर सके। इसलिए वह आज (मंगलवार) को नामांकन करेंगे। जबकि भाजपा के विजेंद्र गुप्ता, ओमप्रकाश शर्मा, शैलेंद्र सिंह मोंटी, कांग्रेस की अलका लांबा सहित कई नेताओं ने नामांकन पत्र भरे। अलका लांबा महज चंद लोगों के साथ धीरपुर स्थित ऑफिस में नामांकन करने पहुंचीं। मालवीय नगर से भाजपा उम्मीदवार शैलेंद्र सिंह मोंटी लक्ष्मी नारायण मंदिर में आशीर्वाद लेने के बाद साकेत डीएम कार्यालय पहुंचे। उनके साथ समर्थकों का हुजूम था। वहीं पटपड़गंज से भाजपा के रवि नेगी और कांग्रेस के लक्ष्मण रावत, एके वालिया सहित तमाम नेताओं ने भी पर्चा दाखिल किए।
चुनाव कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को 500 से ज्यादा नामांकन पत्र दाखिल हुए हैं। 14 जनवरी से नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई थी। रविवार को अवकाश होने के चलते नामांकन नहीं हुए थे। 14 से 18 जनवरी तक 214 नामांकन पत्र दाखिल हुए थे। वर्ष 2015 में कुल 923 नामांकन पत्र दाखिल हुए थे। इनमें से आखिरी दिन यानी 21 जनवरी 2015 को सर्वाधिक 539 पर्चे भरे गए थे। ठीक इसी तरह वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में 16 नवंबर को आखिरी दिन था, उस वक्त 748 नामांकन पत्र दाखिल हुए थे। जबकि इस पूरे चुनाव में 1188 नामांकन पत्र निर्वाचन कार्यालय को प्राप्त हुए थे।