प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने कहा कि उनकी पार्टी शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के साथ है और रहेगी। उन्होंने कहा कि शाहीन बाग में बीते एक महीने से भी अधिक समय से विरोध दर्ज करवा रहीं महिलाएं वीरांगनाएं हैं। जामिया में बच्चों की लाइब्रेरी में पिटाई पर देश की माताओं ने विरोध जताया है। चोपड़ा ने कहा कि जामिया में पुलिस बर्बरता के विरोध में न तो भाजपा आई और न ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल। करीब 40 दिन बाद मनीष सिसोदिया पहली बार इस मामले में सामने आए। कांग्रेस ऐसी पार्टी हैं, जिसने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में चले प्रदर्शनों का समर्थन किया है। इसमें संविधान की अनदेखी की गई है। जनता भाजपा और आप की चुप्पी का हिसाब चुनाव में लेगी।
चोपड़ा ने जेएनयू और जामिया में पुलिस की बर्बरता के बाद भी सरकारों की चुप्पी पर निशाना साधते हुए कहा कि जामिया में बगैर इजाजत विश्वविद्यालय परिसर में घुसकर पुलिस ने कार्रवाई की तो दूसरी तरफ जेएनयू में नकाबपोश बदमाशों की तरफ से की गई मारपीट की घटना पर पुलिस की चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिरकार, किसके इशारे पर ऐसा किया गया।