कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक शोएब इकबाल के आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल होने के बाद भाजपा हमलावर है। भाजपा ने शोएब के सहारे आप पर समुदाय विशेष के वोटों का ध्रुवीकरण करने का आरोप लगाया है। वहीं, भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए आप ने केंद्र व दिल्ली पुलिस को कटघरे में खड़ा किया है। साथ ही नाम लिए बगैर भाजपा को वोटों का ध्रुवीकरण करने वाली पार्टी करार दिया है।
इससे पहले दिल्ली भाजपा ने शोएब इकबाल के आप में शामिल होने पर सवाल उठाया था। भाजपा नेता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि आज खुलासा हो गया है कि देश में चाहे आगजनी हो, चाहे हिंदू-मुस्लिम के बीच बंटवारा हो, आप चाहे गर्दन काटने की बात करें, यह सब जायज है, अरविंद केजरीवाल इन्हें अपनी पार्टी में शामिल करेंगे और वोट बैंक की राजनीति करेंगे, ताकि समुदाय विशेष का वोट हासिल किया जा सके। बकौल पात्रा, सीएए के विरोध प्रदर्शन के दौरान शोएब इकबाल के बेटे मोहम्मद इकबाल ने प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए थे।
उधर, इसका जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि अगर आम आदमी पार्टी का कोई भी नेता अपराधी है, उसके ऊपर हत्या का आरोप है तो उसको जेल क्यों नहीं भेजा जाता। यह भाजपा के लिए शर्म की बात है कि अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि दिल्ली पुलिस भाजपा शासित केंद्र सरकार के पास है और वहां भाजपा की सरकार है। उसके बाद भी अपराधी खुलेआम घूम रहा है, तो यह भाजपा के लिए चिंता का विषय है। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अगर उनसे पुलिस नहीं संभल रही है तो वह पुलिस हमें दे दें।
मनीष सिसोदिया ने भाजपा के इस आरोप को बेबुनियाद बताया कि शोएब इकबाल को समुदाय विशेष के वोटों के ध्रुवीकरण के लिए लाया गया है। वहीं, इशारे-इशारे में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ध्रुवीकरण करने की विशेषज्ञ कौन सी पार्टी है, यह सभी जानते हैं। हम सिर्फ काम के आधार पर चुनाव लड़ रहे हैं और वही लेकर जनता के बीच जाएंगे।