दिल्ली की इस सीट पर राजनीतिक दल नहीं, बल्कि चेहरे के दम पर जीत मिलती है। 1993 में बनी इस सीट पर विभिन्न पार्टियों से अलग-अलग उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। बिधूड़ी ने चार बार जीत दर्ज की है।
दक्षिणी पूर्वी जिला के अंदर आने वाली विधानसभा सीट बदरपुर का इतिहास थोड़ा अलग रहा है। यहां पार्टी नहीं, चेहरे के दम पर जीत मुकम्मल होती है। 1993 में बनी इस सीट पर विभिन्न पार्टी से अलग-अलग उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है।
विज्ञापन
यहां के पहले चुनाव में जनता दल के रामवीर सिंह बिधूड़ी विधायक चुने गए थे। 2015 में रामवीर सिंह बिधूड़ी को इस सीट से हार का सामना पड़ा था। उस समय आप के नारायण दत्त शर्मा विजयी हुए थे।
हालांकि, 2020 में रामवीर सिंह बिधूड़ी ने दोबारा से इस सीट पर जीत हासिल की थी। आप यहां से केवल एक ही बार बाजी मार पाई है। फिलहाल, आप ने दोबारा से अपने प्रत्याशी के रूप में राम सिंह नेताजी को उतारा है। वहीं, भाजपा ने भरोसा जताकर आप से पूर्व विधायक नारायण दत्त शर्मा को चुनावी मैदान में उतारा है।
विज्ञापन
प्रमुख इलाके
यहां के प्रमुख इलाकों में जैतपुर, मोलड़बंद, मीठापुर, खड्डा कॉलोनी, हरी नगर, गौतमपुरी, ताजपुर, इंदिरा नर्सरी जैसे घने आबादी वाले इलाके आते हैं। इसके अलावा कुछ झुग्गी बस्तियां भी यहां बसी हुई हैं।
बदरपुर के हर इलाके में सड़कों की हालत खस्ता है। सड़कें व गलियां बेहद संकरी हैं। सड़कों पर जाम लग जाता है। साथ ही, गलियों में दो गाड़ियां एक साथ नहीं निकल सकतीं। इससे राहगीरों को परेशानी होती है। -प्रीतम सिंह यादव
इलाके में जल निकास की समस्या अभी भी कायम है। इस दिशा में अभी और कार्य होना चाहिए। जिस इलाके में विकास की जितनी अधिक जरूरत है, वहां उतने विकास होने चाहिए। अभी ऐसा नहीं हो रहा है। -शेषपाल सिंह सेंगर
इलाकों में असामाजिक तत्व की भरमार है। ऐसे में यहां पर खुलेआम झपटमारी होना आम बात है। इससे सबसे अधिक असुरक्षित महिलाएं व बच्चे महसूस करते हैं। सत्ता में कोई भी आए, लेकिन इसका समाधान होना चाहिए। -लीलाराम शर्म
बदरपुर विधानसभा 2024 में लोकसभा चुनाव में मतदाता
कुल मतदाता 338425
पुरुष 191634
महिला 146740
ट्रांसजेंडर 51
(स्रोत : चुनाव आयोग)
प्रमुख मुद्दे
नशे का इस्तेमाल
गंदे पानी की सप्लाई
स्वच्छता
सुरक्षा
पार्किंग की समस्या
अहम समस्या है ट्रैफिक जाम