भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आज अपने 57 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की। इस लिस्ट में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सामने अभी तक कोई उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया है। आम आदमी पार्टी (आप) ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा है कि भाजपा बिन दूल्हे वाली बरात है और उसका मुख्यमंत्री पद का चेहरा साफ नहीं हो सका है। आप का कहना है कि भाजपा को अरविंद केजरीवाल के सामने कोई ईमानदार मजबूत चेहरा नहीं मिल रहा है। आज मुख्यमंत्री पद का चेहरा सामने न लाने के बाद यह साफ हो गया है।
आम आदमी पार्टी के दिल्ली चुनाव प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि लोगों को उम्मीद थी कि आज लोगों को यह पता चल जाएगा कि भाजपा किस चेहरे को सामने रखकर चुनाव में उतरेगी। लेकिन आज भी लोगों को निराशा हाथ लगी क्योंकि भाजपा ने अपना चेहरा नहीं बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सामने अभी तक उम्मीदवार न घोषित कर बीजेपी ने आप को वॉक ओवर दे दिया है।
आप सांसद के मुताबिक भाजपा के पास कोई चेहरा नहीं है। उनके पास नेतृत्व नहीं है और मुख्यमंत्री का चेहरा बनने के लिए आपस में ही लड़ाइयां हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में आम आदमी पार्टी को भारी बहुमत के साथ जीत मिलेगी।
भाजपा की रणनीति क्या
भारतीय जनता पार्टी कभी चेहरे को सामने रखकर तो कभी बिना चेहरे के चुनावी मैदान में उतरती रही है। दिल्ली के पिछले चुनाव में उसने अरविंद केजरीवाल की साथी रही किरण बेदी को सामने रखकर चुनाव लड़ा था। उसके पहले चुनाव में पार्टी ने डॉ. हर्षवर्धन को अपना उम्मीदवार बनाया था। लेकिन दोनों ही चुनाव में उसे सफलता नहीं मिली थी। पार्टी नेताओं की आपसी गुटबाजी से संभावित नुकसान को देखते हुए पार्टी बिना चेहरे के चुनाव में उतरने का फैसला कर सकती है।