विधानसभा चुनाव में ताल ठोंक रही आप ने घोषित 70 उम्मीदवारों में से 12 बाहरी नेताओं पर दांव लगाया है। इसमें से पांच ऐसे हैं, जिन्हें 30 घंटे के अंदर ही दलबदल का इनाम मिल गया। दिलचस्प यह कि इस बार आप के उम्मीदवारों में कांग्रेस के तीन पूर्व विधायक व पार्षद भी शामिल हैं।
आम आदमी पार्टी इस बार 23 नए चेहरों के साथ चुनावी मैदान में है। इसमें आप के टिकट पर लोकसभा चुनाव में उतरे तीन उम्मीदवार दिलीप पांडेय, आतिशी और राघव चड्ढा के साथ पार्टी पार्षद व नेताओं की संख्या 11 है। जबकि दूसरी पार्टियों से आप में शामिल हुए नेताओं की संख्या 12 है। आप ने कांग्रेस के तीन पूर्व विधायकों शोएब इकबाल, प्रह्लाद साहनी और नेता राम सिंह पर भी बाजी लगाई है। प्रह्लाद साहनी व शोएब इकबाल कुछ दिनों पहले आप में शामिल हुए थे।
दिलचस्प यह कि सोमवार दोपहर बाद करीब 2 बजे कांग्रेस के पूर्व विधायक नेताजी राम सिंह, कांग्रेस के पूर्व सांसद महाबल मिश्रा के बेटे विनय कुमार मिश्रा, कांग्रेस की पार्षद राजकुमारी ढिल्लो, कांग्रेस नेता नवीन चौधरी, बसपा पार्षद जय भगवान उपकार आप में शामिल हुए थे। तीस घंटे के अंदर मंगलवार को पांचों बाहरी नेताओं को आप ने टिकट दे दिया है।
पीएसी के अधिकतर सदस्य भी मैदान में
पार्टी उम्मीदवारों पर फैसला करने की उच्चतम इकाई राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) है। संयोजक अरिवंद केजरीवाल के अलावा इसमें फिलहाल दस सदस्य हैं। राष्ट्रीय सचिव व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष समिति का पदेन सदस्य होता है। जबकि केजरीवाल के अलावा बाकी आठ सदस्यों में मनीष सिसोदिया, कुमार विश्वास, संजय सिंह, दुर्गेश पाठक, आतिशी, गोपाल राय व साधु सिंह शामिल हैं। कुमार विश्वास ने बगावत का झंडा उठा रखा है तो संजय सिंह राज्यसभा सांसद हैं। साधु सिंह का दिल्ली की सियासत से सीधा नाता नहीं है। बाकी बचे सभी सदस्य इस बार दिल्ली चुनाव के मैदान में हैं।