नागरिकता कानून के खिलाफ शाहीन बाग में पिछले कई दिनों से प्रदर्शन जारी है। यहां बच्चे, बूढ़े और महिलाएं अपना काम छोड़कर प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार को इनके समर्थन में कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर भी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि जो भी कुर्बानी देनी हो, उसमें मैं भी शामिल होने के लिए तैयार हूं। अब देखें कि किसका हाथ मजबूत है, हमारा या उस कातिल का?
इससे पहले मंगलवार शाम चार बजे के करीब स्थानीय विधायक अमानतुल्लाह खान भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि सीएए के खिलाफ जारी सत्याग्रह का राजनीतिकरण न हो, इसलिए अब तक वह इस प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए थे। लेकिन उन्होंने हमेशा यहां के हालात पर नजर बनाए रखा था। खान ने कहा कि आज से वह खुलकर इन लोगों के साथ खड़े रहेंगे। यदि पुलिस यहां से लोगों को हटाने आएगी, तो वह सबसे आगे आकर पुलिस से बातचीत करेंगे।
उन्होंने मिसाल देते हुए कहा, कि शाहीन बाग की महिलाओं का सत्याग्रह इसलिए दुनियाभर के लोगों तक पहुंचकर सबसे बड़ा हो गया क्योंकि यह लगातार शांति के साथ जारी है।
विधायक ने कहा कि शांति से ही हम अपनी बात पुलिस और सरकार के सामने रख रखेंगे। उन्होंने वादा किया कि अब से इस प्रदर्शन की वह खुद अगुवाई करेंगे। प्रदर्शन स्थल से कुछ ही कदम की दूरी पर स्थित वह अपने कार्यालय पर चौबीसों घंटे मौजूद रहेंगे। वह राजनीति में रहें या न रहें, सत्ता में रहें या बेदखल कर दिए जाएं, उन्हें फर्क नहीं पड़ता। वह क्षेत्र की महिलाओं के इस सत्याग्रह के साथ खड़े रहेंगे।