फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्लीः सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लगाए जाएंगे 300 सीसीटीवी कैमरे

Mon, 12 Nov 2018 10:33 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : irishtimes.com
विज्ञापन

दिल्ली सरकार पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शहर में 300 सीसीटीवी कैमरे लगवाने वाली है। जानकारी के अनुसार अगले कुछ दिनों में राजधानी के तीन-चार विधानसभा क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लग जाएंगे। राजधानी में 1.4 लाख कैमरे लगाने से पहले इन 300 कैमरों की कार्यप्रणाली पर नजर रखी जाएगी। इन कैमरों में इंफ्रारेड और डे/नाइट विजन की भी सुविधा होगी।

विज्ञापन


अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी जगह चिन्हित की जा रही हैं जिसमें रिहायशी कॉलोनी, व्यापारिक क्षेत्र और प्रमुख सड़कें शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि इससे पहले कि पूरी राजधानी में सीसीटीवी लगे पायलट प्रोजेक्ट से हमें ये समझने में सुविधा मिलेगी कि सीसीटीवी कैसे काम करेगा। हालांकि अभी तक लोकेशन अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है लेकिन हम उन क्षेत्रों को चुनेंगे जहां लोगों खासकर महिलाओं की आवाजाही ज्यादा होती है। इसका लाइव फीड मॉनीटर किया जाएगा और रिकॉर्ड कम से कम एक महीने तक सुरक्षित रखा जाएगा।

पीडब्ल्यूडी पहले ही 1.4 लाख सीसीटीवी(सभी 70 विधानसभा क्षेत्र में 2000 सीसीटीवी कैमरे) कैमरों का ठेका भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड(बेल) को दे चुकी है। वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि सभी कैमरे चाइना से आयात किए जाएंगे। इसकी पूरी लागत और पांच साल के रखरखाव पर लगभग 571 करोड़ का खर्च आने का अनुमान है जिसमें से 322 करोड़ कैमरों की फिटिंग और मॉनिटरिंग सेंटर बनाने पर खर्च होंगे।
विज्ञापन


राजधानी में सीसीटीवी लगवाना आम आदमी पार्टी का बड़ा चुनावी वादा था। यह प्रोजेक्ट दिल्ली के उपराज्यपाल और सरकार के बीच शुरू से ही झगड़े का जड़ रहा है। एलजी इस पर कमेटी भी बना चुके हैं। हालांकि केजरीवाल सरकार एलजी की कमेटी का विरोध करती रही है और एलजी कार्यालय पर प्रोजेक्ट में देरी का आरोप लगाती रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें