उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले के भानपुर माफी गांव की बुजुर्ग महिला रोज की तरह रविवार शाम को भी जवान बेटे को फोन मिलाया। उसको घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। फोन न उठने पर उसे चिंता हुई। देर रात तक कई बार बेटे से बात करने की उसकी कोशिश नाकाम रही।
इसके बाद उसने गांव के ही अवधेश को फोन लगाया, जो दिल्ली के लाजपत नगर में काम करता है। अवधेश रात को ही अनाज मंडी के लिए बाइक से निकल गया, लेकिन वहां का मंजर देखकर सदमे में आ गया।
सोमवार दोपहर को लोकनायक अस्पताल में अवधेश ने राहुल के शव की पहचान की। लाचार और बेबस अवधेश की अब हिम्मत नहीं हो रही कि वह उस बुजुर्ग मां को इसकी सूचना दे सके। मां अपनी दहलीज पर बैठी बेटे के फोन का इंतजार कर रही है।
मृतकों को दी श्रद्धांजलि
अनाज मंडी वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारियों ने अग्निकांड में जान गंवाने लोगों की याद में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। इस मौके पर मांग की गई कि सरकार इस तरह की समस्या का माकूल हल निकाले। संरक्षक अर्जुन कुमार ने बताया कि 43 लोगों की मौत बेहद दुखद है।
सरकार से मिलने वाला कोई भी मुआवजा मृतकों की कमी को पूरा नहीं कर सकता। यह पुरानी दिल्ली क्षेत्र शहाजहांनाबाद का इलाका कहलाता है। इसे विशेष दर्जा प्राप्त है। यहां पर बहुत पुरानी इमारतें संकरी गलियों में बनी हुई हैं।