आईजीआई एयरपोर्ट पर सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब पटना जाने वाले विमान में बम रखे जाने की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसी हरकत में आई और विमान में सवार यात्रियों को बाहर निकालकर उसकी पूरी तरह से तलाशी ली। विमान से कोई विस्फोटक नहीं मिला। तकनीकी जांच करने पर पता चला कि पिता के साथ इसी विमान से इलाज करवाने के लिए पटना जा रहे युवक ने बम होने की झूठी सूचना दी थी। युवक मानसिक रूप से कमजोर है। पुलिस ने पूछताछ के बाद यात्रियों को दूसरे विमान से पटना के लिए रवाना कर दिया। पुलिस ने इस बाबत कोई मामला दर्ज नहीं किया है।
एयरपोर्ट पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 7.50 बजे दिल्ली से पटना जा रही एक फ्लाइट में बम होने की सूचना मिली। उस समय विमान में यात्रियों को बिठाने की प्रक्रिया की जा रही थी। बम की सूचना मिलते ही सीआईएसएफ के जवानों ने विमान को अपने कब्जे में कर लिया और सभी यात्रियों के सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बम निरोधक दस्ते को एयरपोर्ट पर बुलाकर विमान की तलाशी ली गई। काफी देर की तलाशी के बाद विमान में कोई भी विस्फोटक नहीं मिला।
पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू कर इस बात का पता लगाने में जुट गई कि किसने विमान में बम होने की झूठी शिकायत की थी। जांच के जरिए पुलिस को पता चला कि आरोपी युवक आकाशदीप उसी विमान में मौजूद था और पिता के साथ पटना जा रहा है। पुलिस ने युवक और उसके पिता को हिरासत में लिया। पुलिस को पता चला कि युवक अरवल बिहार का रहने वाला है और मानसिक रूप से कमजोर है। उसके पिता नरेंद्र उसे लेकर इलाज करवाने के लिए पटना जा रहे थे। युवक के पिता ने पुलिस को उसके इलाज के कागजात दिखाए। उसके बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। पुलिस ने यात्रियों को दूसरे विमान से पटना के लिए रवाना कर दिया।