दूसरी ओर, दिल्ली के बाद एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 331 दर्ज किया गया, यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। वहीं, ग्रेटर नोएडा में 310, गाजियाबाद में 308 और गुरुग्राम में 279 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 197 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 16.32 फीसदी रहा। इसके अलावा पेरिफेरल उद्योग से 8.06, आवासीय इलाकों से 3.97 और निर्माण गतिविधियों से 2.22 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, बुधवार को हवा उत्तर पश्चिम दिशा से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1000 मीटर रही।
इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 8050 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, शाम छह बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 253 और पीएम2.5 की मात्रा 152.5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि शनिवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन, खांसी, खुजली, सिर दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, बुधवार को कई इलाकों में गंभीर और बेहद खराब श्रेणी में हवा दर्ज की गई।