हल्की धुंध बढ़ने और तापमान में गिरावट के कारण एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर के शहरों की वायु गुणवत्ता बिगड़ने लगी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, सोमवार को यह बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई। बीते हफ्ते बारिश के कारण यह खराब स्तर पर थी।
केंद्रीय एजेंसी सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक, दिल्ली के प्रमुख प्रदूषण पर्टिकुलेट मैटर 2.5 में पराली की हिस्सेदारी में मामूली कमी आई है।
यह सोमवार को 5 फीसदी पर पहुंच गई। मौसम में भी बदलाव हुआ है। मसलन, सतह से 800 मीटर ऊपर मौजूद मिक्सिंग हाइट सतह के करीब आ गया है। सतह पर हवा की गति मंद पड़ी है। अगले दो दिन दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण में बढ़ोत्तरी कायम रह सकती है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, सोमवार की शाम चार बजे तक रिकॉर्ड दिल्ली की 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 330 यानी बहुत खराब श्रेणी में रहा।
शनिवार एक्यूआई 267 था। यूपी में गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा व हरियाणा में फरीदाबाद और गुरुग्राम की हवा गुणवत्ता फिर से खराब से निकलकर बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई है।
सामान्य से तीन गुना है पीएम का प्रदूषण
दिल्ली-एनसीआर की हवा में मौजूद पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 और 10 का स्तर फिर से बढ़त की ओर है। सोमवार रात आठ बजे बेहद महीन प्रदूषण कण पीएम 2.5 का स्तर सामान्य से दोगुना 183 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रिकॉर्ड हुआ।
सामान्य औसत मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर होता है। इसी तरह मोटे प्रदूषण कण पीएम 10 का स्तर भी 312 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रिकॉर्ड हुआ। इसका औसत सामान्य मानक 100 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक
शहर एक्यूआई
दिल्ली 330
फरीदाबाद 323
गाजियाबाद 364
नोएडा 348
ग्रेटर नोएडा 346
नोट : सीपीसीबी के मुताबिक, 201 से 300 का एक्यूआई स्तर खराब, 301 से 400 का बहुत खराब और 401 से अधिक गंभीर श्रेणी वाली वायु गुणवत्ता को दर्शाता है।