मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च की ओर से इस फिल्टर को ईजाद किया गया है। इस फिल्टर के जरिए बसों से निकलने वाले जहरीले धुएं को प्रदूषण रहित बनाया जाएगा। फिलहाल सीपीसीबी ने यूनिवर्सिटी के इस प्रयोग को इस्तेमाल करने की हामी भरी है। शुरुआत में दिल्ली की तीस बसों में इसे लगाया जाएगा। इसके लिए 20 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।
प्रदूषण घटाने का आइडिया है तो पहुंचिए सीपीसीबी
सीपीसीबी सदस्य सचिव का कहना है कि इन दोनों प्रयोगों की सफलता ही इन उत्पादों का भविष्य तय करेगी। यदि ये कारगर हुए तो इन्हें बढ़ाया जाएगा। वहीं, उन्होंने कहा कि सामान्य लोगों के पास प्रदूषण कम करने का कोई अच्छा आइडिया है तो वह भी सीपीसीबी को भेज सकते हैं।
प्रदूषण घटाने के लिए 102 शहरों पर काम
विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से 2014-18 में चिन्हित 102 शहरों में वायु प्रदूषण से निपटने की कार्ययोजना तैयार की जानी है। इसके लिए अभी 73 शहरों से कार्ययोजना सीपीसीबी को भेजी जा चुकी है। इनमें 36 शहरों की कार्ययोजना को अस्वीकार कर दिया गया। इसका कारण है कि उनकी ओर से कोई टाइमलाइन नहीं दी गई थी या संबंधित एजेंसियों के बीच काम का बंटवारा गलत तरीके से किया गया था। वहीं, 7 शहरों के प्रस्तावों पर विचार हो रहा है। साथ ही 30 शहरों की कार्ययोजना पर काम शुरू हो चुका है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, पंजाब समेत उत्तर भारत के मैदानी भागों के राज्यों के शहर ज्यादा हैं।