एम्स में भर्ती मरीजों को दिए जा रहे खाने की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रशासन ने नियमित रोगी फीडबैक सिस्टम को शुरू किया है। इसमें मरीज या उनके तीमारदार खाने की गुणवत्ता के बारे में जानकारी दे सकेंगे। यह सुविधा 31 दिसंबर से शुरू हो जाएगी।
एम्स की प्रोफेसर व मीडिया सेल की प्रमुख डॉ. रीमा दादा ने बताया कि मरीजों को उनके वार्ड में दिए जाने वाले चिकित्सीय और सामान्य आहार पर रोगी फीडबैक प्राप्त करने के लिए एक नए औपचारिक तंत्र को तैयार किया गया है। यह 31 दिसंबर से पहले पूरी तरह से लागू हो जाएगा। इस पहल से भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके तहत डायटेटिक्स विभाग ने प्रत्येक रोगी के बेड साइड पर क्यूआर कोड चिपकाया है।
इससे रोगी से फीडबैक एकत्र किया जाएगा। रोगियों को अपने मोबाइल फोन से इसे स्कैन करना होगा और अस्पताल में परोसे जाने वाले आहार के बारे में अपनी राय बताने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, आहार विशेषज्ञ रोगियों से बात करने के लिए विभिन्न वार्डों का दौरा करेंगे और उनके भोजन के अनुभवों के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी एकत्र करेंगे। एम्स के निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास का कहना है कि रोगी फीडबैक देखभाल में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इससे रोगियों को सीधे परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर नजर रख सकेंगे।