आदेश के तहत एक दिसंबर से सभी आईसीयू व आपातकालीन सेवाओं पर शारीरिक रूप से एक संकाय 24 घंटे नजर रखेगा। एक जनवरी से सभी आईसीयूएस में एकल प्रवेश और निकास होगा जो कि चेहरे की पहचान-आधारित प्रणालियों द्वारा नियंत्रित किया जाएगा। एक अप्रैल 2023 से ई-कैजुअल्टी और ईएलसीयू चार्टिंग सुविधा एम्स के आपातकालीन विभाग के सभी रेड और येलो एरिया बेड व आईसीयू पर लागू किया। इसके अलावा अन्य तकनीक से मरीजों को दी जाने वाली सेवाओं में सुधार किया जाएगा। इंजीनियरिंग सेवा विभाग द्वारा 31 दिसंबर 2022 तक एक टेली-कॉल सेंटर सुविधा शुरू की जाएगी ताकि सभी आईसीयू रोगी परिचारकों के बारे में पूछताछ कर सकें।
सामान की होगी जियो टैगिंग
एम्स के सभी संपत्तियों की जियो टैगिंग और ट्रैकिंग की जाएगी। निदेशक ने निर्णय लिया गया है कि सभी संपत्तियों की जियो टैगिंग और ट्रैकिंग के लिए एक सक्षम प्रणाली स्थापित की जाए। यह एक अप्रैल 2023 से काम करेगा। इससे संपत्ति के संचालन और रखरखाव को बेहतर बनाया जा सकेगा।
बदले जा सकते हैं सुरक्षा अधिकारी
एम्स में कार्यरत सुरक्षा गार्ड को बदला जा सकता है। एम्स निदेशक ने निदेशक दिया है कि एम्स में सुरक्षा को बेहतर बनाने व सुरक्षा सेवाओं में सुधार करने लिए व्यवस्था करने का फैसला लिया है। साथ ही आदेश दिया कि भविष्य में केवल पुनर्वास महानिदेशालय के माध्यम से आउटसोर्स सुरक्षा सेवाओं को शामिल किया जाएगा। मुख्य सुरक्षा अधिकारी को वरिष्ठ वित्तीय सलाहकार के परामर्श से 31 दिसंबर तक इस दिशा में काम करने का निर्देश दिया है।
कर्मचारियों की सुविधा में सुधार
एम्स निदेशक ने कर्मचारियों के स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने का फैसला लिया है। एक जनवरी से इस दिशा में काफी बदलाव होगा जिसे 31 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। वहीं सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए ऑनलाइन सुविधा भी विकसित की जाएगी।