निदेशक ने आदेश में कहा कि आपातकालीन चिकित्सा के बाहर प्रतीक्षा कर रहे रोगियों का प्रमुख कारण पहले से जांचे गए और त्रैमासिक रोगियों के लिए प्रवेश बिस्तरों की कमी है। इसके अलावा एम्स के आसपास 20 अस्पतालों के साथ मिलकर स्थिर मरीजों के लिए रेफरल नीति तैयार की जाएगी। जल्द ही निदेशक सभी अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों के साथ बैठक करेंगे। वहीं मरीजों की सुविधा के लिए आपातकालीन विभाग में साइड रेल और बेड के साथ रोगी ट्रॉलियों की संख्या बढ़ाईं जाएगी।
निदेशक ने दौरे में पाया था कि मौजूदा रोगी ट्रॉलियां में जंग लगी हुई और उनमें सुरक्षा उपकरण नहीं हैं। अधिकारी ने बताया था कि मार्च में साइड रेल के साथ 50 नई ट्रॉलियों जोड़ी गई थी, नवंबर के अंत तक 150 ट्रॉलियों और आएंगी। निदेशक ने कहा कि यदि जरूरत पड़ती है तो इनकी संख्या और बढ़ाइ जा सकती हैं। इसके अलावा, अधिक संख्या में बिस्तर जोड़े जाने चाहिए ताकि रोगी को एक ही बिस्तर पर कम से कम शिफ्टिंग के साथ अलग-अलग वार्डों में ले जाया जा सके। आपातकालीन सेवा में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के लिए निर्णय लिया गया कि सभी व्यापक विशेषता नैदानिक विभाग मासिक आधार पर, एक रेजिडेंट डॉक्टर को यहां पोस्ट करेंगे।
48 घंटे में मिलेगा बेड
हार्ट व ब्रेन स्ट्रोक के मरीज अब इमरजेंसी में 48 घंटे से अधिक इंतजार नहीं करेंगे। ऐसे मरीजों के लिए आपातकालीन विभाग में 5 बेड की व्यवस्था की गई है। बैठक में निदेशक ने फैसला लिया गया है कि कार्डियोलॉजी विभाग और न्यूरोलॉजी विभाग के 5 इन पेशेंट बेड को कार्डियोलॉजी और न्यूरोलॉजी के रोगियों के प्रवेश के लिए चिह्नित किया जाएगा। आपात स्थिति और कोई भी रोगी 48 घंटे से अधिक इमरजेंसी में नहीं रहेगा। वहीं आपातकालीन रोगी के लिए एबी -3 वार्ड आबंटित किया गया है। यह पहले प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के पास था जो अब एमसीएच ब्लॉक में स्थानांतरित हो गया है।
बढ़ाए जाएंगे स्वास्थ्य कर्मचारी
आपातकालीन विभाग में जरूरत के आधार पर डॉक्टर व अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। निदेशक ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि एक समेकित प्रस्ताव दिया जाए। जरूरत के आधार पर सरकार से नई मंजूरी मांगी जाएगी। हालांकि एम्स अपने स्तर पर भी कर्मचारियों की व्यवस्था करेगा। इसके अलावा आपातकालीन रोगी देखभाल क्षेत्रों में स्वच्छता पर जोर दिया है। यदि यहां साफ-सफाई नहीं रहती तो संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।