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Delhi : इस्तीफा देने के बाद लवली ने कहा- कार्यकर्ताओं की पीड़ा के कारण दिया त्यागपत्र, प्रदेश इकाई भी उपेक्षित

Mon, 29 Apr 2024 02:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

लवली ने कहा कि कार्यकर्ताओं की पीड़ा को देखते हुए उन्होंने त्यागपत्र दिया है, क्योंकि कार्यकर्ताओं की पसंद के नेताओं को टिकट नहीं मिला है। मैं किसी अन्य पार्टी में नहीं जा रहा हूं।
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अरविंद सिंह लवली ने की प्रेस वार्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद से त्यागपत्र देने के करीब छह घंटे बाद अरविंदर सिंह लवली रविवार शाम को मीडिया के समक्ष आए। इस दौरान उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की पीड़ा को देखते हुए उन्होंने त्यागपत्र दिया है, क्योंकि कार्यकर्ताओं की पसंद के नेताओं को टिकट नहीं मिला है। मैं किसी अन्य पार्टी में नहीं जा रहा हूं।

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अपने मन की पीड़ा पत्र के जरिये कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को बता दी है। करीब 35 पूर्व विधायक मिलने के लिए आए हैं। सभी मेरी तरह ही परेशान हैं। लवली ने पूर्व विधायक आसिफ मोहम्मद के आरोपों पर कहा कि वे सुभाष चोपड़ा का भी त्यागपत्र कराना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने बेबुनियादी आरोप लगाए हैं। मैंने केवल पार्टी कार्यकर्ताओं की पीड़ा के कारण त्यागपत्र दिया है। दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस की पसंद के बिना आला नेताओं के पसंदीदा उम्मीदवार चुनाव में उतारे गए हैं। इस कारण पार्टी नेता व कार्यकर्ता परेशान हैं। मैंने स्वयं चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था। इस कारण मेरा कोई भी पसंदीदा उम्मीदवार नहीं था।

चौहान की हुई थी बाबरिया से नोकझोंक
प्रेसवार्ता में लवली के साथ पूर्व मंत्री राजकुमार चौहान व पूर्व विधायक नसीब सिंह भी मौजूद थे। चौहान की गत दिनों एक बैठक में प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया से नोकझोंक हुई थी। इस मामले में उनके खिलाफ शिकायत भी की गई थी। यह शिकायत प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने कार्रवाई के लिए पार्टी आलाकमान को भेजी गई थी, लेकिन शिकायत का निपटारा होने से पहले ही चौहान ने कांग्रेस से त्यागपत्र दे दिया था।
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लवली के घर पहुंचे समर्थक व विरोधी
लवली के त्यागपत्र देते ही प्रदेश कांग्रेस के नेताओं का उनके घर तांता लगना शुरू हो गया। अधिकतर नेता लवली के समर्थन में पहुंचे, जबकि पूर्व विधायक आसिफ मोहम्मद खान ने विरोध जताया। लवली के निवास पर सबसे पहले लोकसभा चुनाव के लिए गठित की गई चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा पहुंचे। इसके बाद पूर्व सांसद संदीप दीक्षित, कई पूर्व मंत्री व विधायक और अन्य नेता जुट गए। सुभाष चोपड़ा ने कहा कि वह लवली के त्यागपत्र से आश्चर्यचकित हैं। इतने बड़े पद से इस्तीफा देना सामान्य बात नहीं है। वहीं, संदीप दीक्षित ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष और कार्यकर्ता होने के नाते लवली का व्यक्तिगत दर्द है। हम दिल्ली में अपनी पुरानी प्रतिष्ठा वापस लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन हमें तीन सीटें ही दी गईं। 

विरोध में आसिफ ने की नारेबाजी
ओखला के पूर्व विधायक आसिफ मोहम्मद खान समर्थकों के साथ लवली के घर आए। इस दौरान उन्होंने लवली के कदम के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि लवली ने भाजपा के इशारे पर त्यागपत्र दिया है। उन्होंने सुभाष चोपड़ा पर लवली का त्यागपत्र दिलवाने की साजिश रचने का आरोप भी लगाया।

गठबंधन के सिर्फ दल मिले, दिल नहीं : भाजपा
प्रदेश भाजपा ने रविवार को आप-कांग्रेस गठबंधन पर जमकर निशाना साधा। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने प्रेसवार्ता में कहा कि इंडिया गठबंधन में सिर्फ दल मिले हैं, दिल नहीं। इस बात को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंद सिंह लवली ने इस्तीफा देकर साबित किया है। धीरे-धीरे ही सही, लेकिन 25 मई से पहले इंडिया गठबंधन पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।

सचदेवा ने कहा कि गठबंधन को लेकर भाजपा हमेशा से एक ही बात कहती आई है कि यह सिर्फ नाम का है। गठबंधन के खत्म करने का कारण भी कांग्रेस ही है। उसने कन्हैया कुमार व उदित राज जैसे लोगों को टिकट दिया है। हर वह व्यक्ति जो देश को विकसित देखना चाहता है, वह कभी ऐसे गठबंधन के साथ नहीं होगा। लवली के इस्तीफे का संकेत तो उसी दिन मिल गया था, जब राजकुमार चौहान ने पत्र लिखा था। शीला दीक्षित इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन आप विधायकों के ट्वीट देखिए जो उन्होंने उस वक्त शीला दीक्षित के बारे में किए थे और उसी दिन साबित हो गया था कि यह सिर्फ अपनी-अपनी कुर्सी बचाने का गठबंधन है और कुछ नहीं।

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