भविष्य की नींव तैयार करने में शिक्षकों की भूमिका अद्वितीय है क्योंकि एक शिक्षक अनंत काल को प्रभावित करता है। एक रोल मॉडल के रुप में शिक्षक छात्रों पर लंबे समय तक प्रभाव डालते हैं। शिक्षकों को सिस्टम की चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम होना चाहिए। यह बात मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने सीबीएसई शिक्षक पुरस्कार 2017-18 वितरण समारोह में कहीं। इस अवसर पर उन्होंने देशभर से 37 शिक्षकों व प्रिंसिपल को पुरस्कृत किया।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से वसंत कुंज स्थित सीआरपीएफ इंस्टीट्यूट में आयोजित इस समारोह में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री ने शिक्षकों के कार्यों व योगदान की सराहना की। इस माके पर सीबीएसई अध्यक्ष अनीता करवाल ने कहा कि सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के शिक्षकों को वर्ष में पांच दिन शारीरिक, स्वास्थ्य शिक्षा, कौशल शिक्षा के लिए अनिवार्य टीचर ट्रेनिंग दी जाएगी।
इस समारोह में सबसे अधिक नौ शिक्षक दिल्ली के पुरस्कृत किए गए हैं। जबकि हरियाणा से 2, पंजाब व यूपी से 4-4 और चंडीगढ़ से एक शिक्षक को पुरस्कृत किया गया। शिक्षकों को पुरस्कार के रूप में प्रशस्ति पत्र, शॉल व 50 हजार रुपये की राशि दी गई। इस समारोह में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता सचिव (केंद्र सरकार) रीना रे, सीबीएसई सचिव अनुराग त्रिपाठी व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
पुरस्कृत होने वाले शिक्षक व प्रिंसिपल
दिल्ली
1.नीशीत जैन (आर्ट्स विभागाध्यक्ष) स्प्रिंगडेल्स पूसा रोड
2.सोनिया छाबड़ा ( प्रधानाध्यापिका) बाल भारती पीतम पुरा
3.ज्योति बेरी (टीजीटी) डीएवी मौसम विहार
4. अनीता श्रीजीत (पीआरटी) एल्कॉन इंटरनेशनल मयूर विहार
5. शिप्रा श्रीवास्तव (सहायक प्रधानाध्यापिका) एल्कॉन इंटरनेशनल मयूर विहार
6. कविता शाह (सहायक प्रधानाध्यापिका) एल्कॉन इंटरनेशनल मयूर विहार
7. दिव्या कपूर (टीजीटी मैथमेटिक्स) एल्कॉन इंटरनेशनल मयूर विहार
8. मुक्ति सुहाग (पीजीटी कॉमर्स) जीडी गोयनका वंसत कुंज
9. दिव्या ज्योति चौधरी (पीजीटी) डीएवी मौसम विहार