राजधानी में 300 टीमें पटाखे जलाने वालों पर सख्ती बरतेंगी। एक जनवरी तक पटाखे जलाने पर राजधानी में पूरी तरह से बैन है। पुलिस का कहना है कि सरकारी आदेश के उल्लंघन की धारा में केस दर्ज होगा। इसके अलावा 200 रुपये का जुर्माना या 6 महीने की जेल तक हो सकती है। पटाखे बेचने वालों पर भी सरकारी आदेश के उल्लंघन और विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
दिल्ली अग्निशमन विभाग ने भी पूरी दिल्ली में 23 ऐसे स्थानों पर विशेष निगरानी रखने की व्यवस्था की है जहां पर दमकल केंद्र की पहुंच दूर है या है ही नहीं। यहां पर दमकलकर्मी गाड़ियाें के साथ शुक्रवार तक सुबह 5 बजे से रात 12 तक मौजूद रहेंगे।
इन जगहों में लाजपत नगर (सेंट्रल मार्केट), साउथ एक्स, तिलक नगर, लाल कुआं चौक, लाहौरी गेट, नांगलोई, सोनिया विहार, महरौली, घिटोरनी मेट्रो स्टेशन, अलीपुर पुलिस स्टेशन, रानी बाग मार्केट, मंगोलपुरी डीटीसी डिपो (कतरन मार्केट), गांधी नगर मार्केट, महिपालपुर चौक, संगम विहार, मुंडका मेट्रो स्टेशन, भाटी माइंस रोड डेरा गांव मोड़ (श्रद्धा पेट्रोल पंप के पास), आजाद मार्केट चौक, जयपुर गोल्डन अस्पताल, न्यू अशोक नगर, यमुना विहार (दमकल स्टेशन के पास) और भाटी माइन्स स्थित राधा स्वामी सत्संग आदि शामिल हैं।
इसके अलावा रानी झांसी रोड, नेहरू प्लेस, भीकाजी कामा प्लेस, रूप नगर, लक्ष्मी नगर, गीता कालोनी, जामा मस्जिद व सदर बाजार आदि में फायर मोटरसाइकिल (बैक पैक) तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने के लिए तैनात रहेंगी।
गलियों से लेकर ऑनलाइन तक बिक रहे पटाखे
राजधानी में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पटाखों पर प्रतिबंध है, लेकिन यह पाबंदी सिर्फ कागजों तक सीमित है। सदर बाजार, तुर्कमान गेट, दिल्ली गेट, मयूर विहार, इंद्रपुरी, नजफगढ़, बदरपुर समेत कई इलाकों में गलियों से लेकर मुख्य बाजारों में चोरी-छिपे जमकर पटाखों की खरीद-फरोख्त हो रही है। आलम यह है कि पटाखे ऑनलाइन भी बिक रहे हैं। हालांकि, पुलिस लगातार इनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इधर, कई लोग आसानी से गाजियाबाद, नोएडा, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम व फरीदाबाद से पटाखे ला रहे हैं। बॉर्डरों पर जांच के निर्देश हैं। इसके बावजूद लोग बेखौफ पटाखे खरीदकर वापस आ रहे हैं।
पटाखों पर रोक, हिंदू-मुस्लिम वाला कोई पहलू नहीं : केजरीवाल
पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को प्रेसवार्ता में कहा कि लोगों को प्रदूषण से बचाने के लिए पटाखों पर प्रतिबंध जरूरी है। इसमें हिंदू-मुस्लिम वाला कोई पहलू नहीं है। दिवाली रोशनी का त्योहार है और इसे दीये व मोमबत्तियां जलाकर मनाया जाना चाहिए। ऐसा नहीं है कि हम दूसरों पर कोई एहसान कर रहे हैं। हम खुद पर एहसान कर रहे हैं, क्योंकि हम और छोटे बच्चे पटाखे जलाने से होने वाले प्रदूषण से पीड़ित होंगे।
दिल्ली सरकार ने इस महीने की शुरुआत में 1 जनवरी तक सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, बिक्री, भंडारण और जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। यह निर्देश दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) की ओर से प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण अधिनियम, 1981 के तहत जारी किया गया था। केजरीवाल ने भाजपा और आरएसएस की इस आलोचना को खारिज कर दिया कि पटाखों पर प्रतिबंध का लक्ष्य हिंदू त्योहार है। उन्होंने कहा कि सभी की सांसें और जीवन जरूरी है।