उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर दिल्ली में इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन के तहत इस योजना में ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाया जाएगा।
दिल्ली में 200 नमो ड्रोन दीदी तैयार होंगी। उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर दिल्ली में इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन के तहत इस योजना में ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाया जाएगा।
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योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों और व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्हें ड्रोन पायलट लाइसेंस दिया जाएगा। साथ ही उन्हें ड्रोन भी प्रदान किए जाएंगे। ड्रोन का इस्तेमाल विभिन्न गतिविधियों के लिए कर सकती हैं। वह किराये पर भी ले सकती हैं। योजना के तहत पहली बार उत्तरी जिले के सिंघोला गांव और दक्षिण-पश्चिम जिले के बादू सराय गांव में ड्रोन प्रदर्शन कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इस दौरान महिला स्वयंसेवक प्रदर्शन के लिए आईं। इन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ड्रोन पायलट लाइसेंस भी प्रदान किया जाएगा।
दिल्ली के विभिन्न जिलों में महिलाओं को 200 ऐसे लाइसेंस दिए जाएंगे। प्रत्येक ड्रोन दीदी के प्रशिक्षण में प्रति व्यक्ति लगभग 25 हजार रुपये की लागत आएगी। इस खर्च का वहन सीएसआर फंड से किया जाएगा। महिलाओं को रोजगार के अवसर देने में यह योजना मददगार साबित होगी। यह पहल ग्रामीण विकास के साथ उन्नत प्रौद्योगिकी को एकीकृत करने की दिशा में एक पहल है। इसकी मदद से कृषि क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता के नए रास्ते खोलकर महिलाओं के जीवन में बदलाव आ सकता है।
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महिलाएं कर सकेंगी यह काम
प्रशिक्षित होने के बाद पायलट लाइसेंस प्रमाणपत्र वाली ये ड्रोन दीदी ड्रोन सर्वेक्षण, इवेंट शूट, फोटोग्राफी, वीडियो रिकॉर्डिंग सहित दूसरे काम कर सकेंगी। इसके अलावा वे बीज बोने और कीटनाशक, उर्वरक छिड़काव सहित कृषि गतिविधियों में भी भाग ले सकेंगी। यह प्रदर्शन ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास और तकनीकी सशक्तिकरण को बढ़ाया देगा। इसकी मदद से नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।