पुलिस के मुताबिक, 13 साल की लड़की परिवार के साथ पीरागढ़ी में किराए पर रहती है। परिवार मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। जिस कमरे में परिवार रहता है, वह इमारत तीन मंजिल की है, जिसमें छोटे छोटे करीब 25 कमरे बने हुए हैं।
इनमें अधिकतर आसपास की फैक्टरियों में मजदूर का काम करते हैं। बच्ची के परिवार में माता पिता और एक बड़ी बहन है। माता पिता फैक्टरी में मजदूर हैं। बड़ी बहन भी काम करती है। लगभग रोजाना यह बच्ची अपने कमरे में अकेली रहती है।
घटना मंगलवार शाम की है। पुलिस को तकरीबन साढ़े पांच बजे कॉल मिली थी। आशंका है कि लड़की के साथ करीब चार बजे वारदात हुई है। शुरुआती जांच में दो लड़कों के शामिल होने की बात सामने आ रही है। उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची ने विरोध किया तो उसकी हत्या की कोशिश हुई। जिससे लड़की के निजी अंगों पर गंभीर चोटें आई हैं।
माना जा रहा है कि किसी धारदार हथियार से उसपर वार किया गया है। पहले उसे संजय गांधी अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने इलाज के लिए सिर व कटे हुए हिस्सों में टांके लगाए, लेकिन उसकी बिगड़ती हालत देखकर उसे एम्स रेफर कर दिया। एम्स में बच्ची की हालत स्थिर बनी हुई है। फिलहाल पुलिस मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी कब्जे में लिया है।
डीसीडब्ल्यू ने दिल्ली पुुलिस को जारी किया नोटिस
पीरागढ़ी में 13 साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या का प्रयास करने के मामले में दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। आयोग ने घटना का संज्ञान लेते हुए अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की है। इस मुलाकात में परिवार को न्याय का भरोसा दिया गया।