साकेत कोर्ट ने शादी के तीन दिन पहले मंगेतर की हत्या करने वाले युवक को दोषी करार दिया है। 2010 में हुई वारदात के मामले में साकेत कोर्ट ने 23 दिसंबर को फैसला सुनाया। सजा पर बहस जनवरी में होगी। आरोपी ने हत्या से पहले प्रेमिका के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे। फाॅरेंसिक रिपोर्ट में पुष्टि के बाद अदालत ने इसे आधार बनाते हुए युवक को दोषी करार दिया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से पेश अतिरिक्त लोक अभियोजक प्रयाग दत्त पांडेय ने बताया कि 11 सितंबर 2010 को पुलिस को मदनगीर इलाके में युवती की हत्या की सूचना मिली। पुलिस ने युवती मोनिका जायसवाल के शव को बरामद किया। पुलिस ने युवती के मित्र रवि शंकर मिश्र को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में सामने आया कि 12 सितंबर को दोनों की शादी कानपुर के आर्य समाज मंदिर में तय थी। युवक शादी से बचने के लिए 9 सितंबर को युवती के घर पहुंचा। उसने तकिया से गला दबाकर युवती की हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। दो दिनों तक युवती से संपर्क न हो पाने पर परिजनों ने युवक से संपर्क किया। जिसके बाद पुलिस में शिकायत दी गई।
फाॅरेंसिक रिपोर्ट से हुआ खुलासा
युवक ने पुलिस को गुमराह करने के लिए युवती के फोन का सिम बदल दिया था। इसके अलावा मोनिका के घर की चाबी भी आरोपी के पास से ही बरामद की गई। फाॅरेंसिक रिपोर्ट में युवक के युवती से शारीरिक संबंध बनाने की पुष्टि हुई। पुलिस द्वारा पेश साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया गया।