नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के मेडिकल, एलटीसी भुगतान में देरी हो रही है। ऐसे में शिक्षकों ने शिक्षा निदेशक से गुहार लगाई है। इस संबंध में सरकारी स्कूल शिक्षक संघ ने शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर इस समस्या के तत्काल समाधान की मांग की है। शिक्षक संघ के महासचिव अजय वीर यादव ने बताया कि शिक्षक अपने तथा परिवार के स्वास्थ्य उपचार हेतु अस्पतालों में पहले स्वयं भुगतान करते हैं। इसके उपरांत संबंधित मेडिकल बिल अपने स्कूल के प्रधानाचार्य अथवा डीडीओ को प्रस्तुत किए जाते हैं।
इसके बाद प्रधानाचार्य द्वारा जिला कार्यालय से बजट की मांग की जाती है और बजट प्राप्त होने पर बिल पे एंड अकाउंट्स ऑफिस भेजे जाते हैं। यह पूरी प्रक्रिया अत्यंत धीमी और लंबी रहती है। प्रक्रिया में इतना अधिक समय लग जाता है कि उपचार पर लगातार बड़ी धनराशि खर्च होती रहती है। भुगतान में देरी के कारण शिक्षक और उनका परिवार आर्थिक तंगी से गुजरने को मजबूर हो जाता है, जिससे कई बार उपचार तक बाधित हो जाता है। यही स्थिति एलटीसी बिलों के साथ भी देखने को मिलती है।
जनवरी, फरवरी और मार्च वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने होते हैं, इस कारण से समस्या ओर बढ़ जाती है। इन महीनों में भुगतान नहीं हो पाने पर अगले वित्तीय वर्ष में नई प्रक्रियाएं और जटिलताएं शुरू हो जाती हैं, जिससे भुगतान और अधिक खटाई में पड़ जाता है। महासचिव अजय वीर यादव ने पत्र में शिक्षा निदेशक से मांग की है कि इस विषय पर सख्त आदेश एवं स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। संबंधित अधिकारियों को एक तय समय सीमा में मेडिकल, एलटीसी के भुगतान सुनिश्चित करने के लिए बाध्य किया जाए।