नोएडा के बिल्डर प्रोजेक्ट में फ्लैट लेने वालों को छत के लिए और इंतजार करना होगा।
एनजीटी द्वारा कंपलीशन पर रोक बरकरार रहने से लोगों को घर नहीं मिल पाएगा। ओखला बर्ड सेंचुरी के दस किमी में क्षेत्र चालीस से अधिक बिल्डरों के हाउसिंग प्रोजेक्ट बनकर तैयार हो गए हैं।
इनमें लाखों की संख्या में फ्लैट हैं जिनको लोग बुक भी करा चुके हैं और काफी संख्या में निर्माण भी पूरो हो चुका है। काफी खरीदारों ने पूरी कीमत भी चुका दी है तो कई किश्तें भर रहे हैं। कोर्ट के फैसले को बरकरार रखने के फैसले के साथ ही लाखों लोगों की उम्मीद टूट गई।
दूसरी तरफ प्राधिकरण और बिल्डर को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। कंपलीशन पर रोक होने के कारण प्राधिकरण की इससे होने वाली आय रुक गई है।
वहीं, बिल्डरों को प्रोजेक्ट के तैयार होने के बावजूद कंपलीशन नहीं दिलवा पाने की वजह से खरीदार हर रोज उनके पास पहुंच रहे हैं।
दर्जनभर से ज्यादा कर चुके अप्लाई
बिल्डरों ने निर्माण पूरा करने के बाद प्राधिकरण में कंपलीशन के लिए अप्लाई कर दिया है लेकिन प्राधिकरण उन्हें सर्टिफिकेट नहीं दे पा रहा है। जिसके कारण बिल्डर भी खरीदारों को कंपलीशन होने का सर्टिफिकेट नहीं दे पा रहे हैं और खरीदारों को प्लैट हैंडओवर करने में देरी हो रही है।
खरीदार दोहरी मार से परेशान
ज्यादातर खरीदार ऐसे हैं जो किराए का मकान लेकर प्लैट मिलने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन एनजीटी की रोक के चलते बिल्डर उन्हें कब्जा देने में आनाकानी है। खरीदार किराए का भुगतान कर रहे हैं साथ ही फ्लैट की किस्त भी भरनी पड़ रही है।