-पर्याप्त पानी न पीना बन रहा बड़ी वजह, हाइड्रेट रहने से किडनी के साथ स्किन को भी मिलता है फायदा
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। बदलती जीवनशैली और अनियमित दिनचर्या के बीच लोगों में डीहाइड्रेशन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसका सीधा असर किडनी पर पड़ रहा और इससे जुड़ी बीमारियां भी बढ़ रहीं। सर्दी में लोग ज्यादातर पानी पीने से बचते हैं ऐसे में बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, शरीर में पानी की कमी से किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, जिससे पथरी, यूरिन इंफेक्शन और पेशाब से जुड़ी अन्य समस्याएं बढ़ रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने से पेशाब गाढ़ा हो जाता है, जिससे किडनी में मिनरल्स जमा होकर पथरी का रूप ले लेते हैं। वहीं, कम पानी पीने से बैक्टीरिया को पनपने का मौका मिलता है, जिससे यूरिन इंफेक्शन की आशंका बढ़ जाती है। कई मामलों में मरीजों को जलन, बार-बार पेशाब आना, पेट के निचले हिस्से में दर्द और बुखार जैसी शिकायतें होती हैं।
डॉक्टर बताते हैं कि किडनी को स्वस्थ रखने के लिए दिनभर में पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी है। इससे टॉक्सिन्स शरीर से बाहर निकलते हैं और किडनी पर दबाव कम होता है। पानी त्वचा को नमी प्रदान करता है, जिससे ड्राइनेस, मुंहासे और समय से पहले झुर्रियां आने की समस्या कम होती है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि प्यास लगने का इंतजार की बजाय नियमित अंतराल पर पानी पिया जाए। चाय, कॉफी या सॉफ्ट ड्रिंक की जगह सादा पानी, नारियल पानी और तरल फलों का सेवन अधिक फायदेमंद होता है। साथ ही अधिक नमक और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाना भी जरूरी है। गुरु तेग बहादुर अस्पताल के एडिशनल मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ प्रवीन कुमार ने बताया कि, डीहाइड्रेशन किडनी से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों की जड़ है।