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'जिन जगहों से डिग्री ली, वहां कभी गए नहीं तोमर'

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जितेंद्र तोमर चारों तरफ से बुरी तरह फंस चुके हैं। उनके हर कागजात में फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। दक्षिण जिला पुलिस की शुरूआती तफ्तीश में ये सनसनीखेज खुलासा सामने आया है कि जिन विश्वविद्यालय व कॉलेजों से तोमर ने डिग्रियां ली हैं वह उन विश्वविद्यालय व कॉलेज को जानते ही नहीं हैं।
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पूछताछ में कानून मंत्री ने ये भी स्वीकार किया कि जिन जगहों से उन्होंने डिग्रियां ली हैं उन जगहों पर वह कभी गए ही नहीं। पुलिस के मुताबिक पूर्व कानून मंत्री की असली डिग्रियां भी फर्जी हैं।

गौरतलब है कि तोमर के पास ग्रेजुएशन की बीएससी की अवध, फैजाबाद यूनिवर्सिटी की, तिल्कामांझी भागलपुर की एलएलबी और बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी का माइग्रेशन सर्टिफिकेट है। पुलिस का कहना है कि कानून मंत्री न तो इन जगहों पर कभी गए और न ही उन्होंने इन विश्वविद्यालयों को कभी देखा।
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बुरी तर फंस चुके हैं तोमर

इसके चलते वे ठीक से इन स्थानों की निशानदेही नहीं करा पाए। खास बात ये है कि कानून मंत्री हर जगह से बुरी तरह फंस चुके हैं। पूर्व कानून मंत्री ने वकालत का लाइसेंस लेने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया में अपने कागजात की जो फोटोकॉपी दी है वह सभी कागजात फर्जी पाए गए हैं।

ऐसे में फर्जी कागजात के आधार पर वकालत का लाइसेंस लेने के मामले में पूर्व कानून मंत्री बुरी तरह फंस चुके हैं। इन कागजातों के फर्जी पाए जाने पर ही एफआईआर दर्ज हुई है।

दक्षिण जिला पुलिस ने मंगलवार को कानून मंत्री को गिरफ्तार कर जब ओरिजनल कागजात मंगाए और उनका फोटोकॉपियों से मिलान किया तो दोनों में काफी असमानताएं पाई गईं।

हर कागज में निकला फर्जीवाड़ा


ग्रेजुएशन में बीएससी प्रथम वर्ष की ओरिजनल व वकालत के लाइसेंस के लिए जमा कराई गई फोटोकॉपी के एनरोलमेंट नंबर अलग-अलग हैं। वहीं, कागजात में रोल नंबर अलग-अलग हैं।

पुलिस ने कानून मंत्री को गिरफ्तार करने के लिए जो जाल बिछाया था वह इसलिए था कि  तोमर अग्रिम जमानत लेने में कामयाब न हो पाएं। पुलिस अधिकारी मानते हैं कि एफआईआर दर्ज होने की जैसे ही जानकारी पूर्व कानून मंत्री को मिल जाती तो वह अग्रिम जमानत के लिए प्रयास करना शुरू कर देते।

इस कारण पुलिस ने 8 जून की रात एफआईआर दर्ज की और सुबह होते-होते उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

जमानत याचिका पर सुनवाई आज

फर्जी डिग्री मामले में गिरफ्तार पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर की जमानत याचिका बुधवार को सत्र न्यायालय में दायर की गई। सत्र न्यायालय में तोमर की याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी।

पूर्व कानून मंत्री तोमर की ओर से अधिवक्ता सीएल गुप्ता ने जमानत याचिका दायर की है। जमानत याचिका में कहा गया है कि पुलिस ने तोमर को झूठे मामले में फंसाया है और गिरफ्तारी से पहले कोई नोटिस या समन जारी नहीं किया।

पुलिस पर मामले में अति सक्रियता का आरोप लगाते हुये जमानत याचिका में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए कहा गया है कि किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी आखिरी विकल्प होना चाहिए। दिल्ली हाईकोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुये कहा गया है कि पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार किए बिना भी आरोप पत्र दाखिल कर सकती है।

फर्जी डिग्री रैकेट का पर्दाफाश करेंगे : बस्सी

दिल्ली पुलिस फर्जी डिग्री रैकेट का पूरी तरह पर्दाफाश करेगी। इसके लिए पुलिस ने साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। जांच में जुटे पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। दूसरी तरफ आरोप लगाया कि पूर्व कानून मंत्री जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।

वहीं, दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने बुधवार को कहा कि पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र तोमर मामले में पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो काम नहीं कर रहा है।

अमूमन इसी तरह की डिग्री बनाने वाले डिमांड पर डिग्रियां बनाते हैं। ऐसा है तो इस गिरोह का पूरी तरह पर्दाफाश करेंगे। इस मामले में साक्ष्य जुटाने के लिए तोमर को उत्तर प्रदेश के फैजाबाद ले जाया गया है। बुधवार को संवाददाताओं से बात करते हुए बस्सी ने कहा कि दिल्ली पुलिस की टीम फैजाबाद पहुंच चुकी है। वहां जांच अधिकारी साक्ष्य जुटाने के लिए तोमर की मदद लेंगे और मौके पर जो भी अनुमोदन जरूरी होगा वह किया जाएगा।

पुलिस के मुताबिक तोमर ने दावा किया है कि उन्होंने आरएमएल अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद से बीएससी की डिग्री ली है। पुलिस उन्हें उस स्थान पर इसकी पुष्टि व पूछताछ के लिए ले गई है। बताया जा रहा है कि पुलिस उन्हें जल्द ही भागलपुर, बिहार ले जाएगी।

बस्सी का ये भी कहना है कि इस मामले में जल्द ही उत्तर प्रदेश व बिहार से कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। तोमर की डिग्रियों की जांच हो रही है। पुलिस ने आरोप लगाया है कि तोमर पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उनसे जब भी कुछ पूछा जाता है तो वह कहते हैं कि वह भूल चुके हैं।
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पूर्व कानून मंत्री ने गिरफ्तारी को दी चुनौती

दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए बुधवार को सत्र न्यायालय में याचिका दायर की है। तोमर का आरोप है कि पुलिस ने कानून को ताक पर रखकर उनकी गिरफ्तारी की।

दिल्ली पुलिस ने फर्जी लॉ डिग्री मामले में तोमर को मंगलवार को शकूरपुर इलाके से गिरफ्तार कर लिया था। तोमर की याचिका पर बृहस्पतिवार को कोर्ट में सुनवाई होगी।

साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन ने बुधवार को तोमर के याचिका पर फौरन सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिका पर सुनवाई के लिये बृहस्पतिवार की तारीख तय की है।

दिल्ली पुलिस ने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (बीसीडी) की शिकायत के आधार पर सोमवार को एफआईआर दर्ज कर मंगलवार को जितेंद्र तोमर (49) को गिरफ्तार कर लिया था।
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