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आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई शिक्षा नीति करेगी पूरा: राजनाथ सिंह

Thu, 17 Sep 2020 04:33 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

- केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कहा- एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र संगठन व उन्नत भारत अभियान के युवा आम लोगों को करेंगे जागरूक
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राजनाथ सिंह - फोटो : ANI
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विस्तार
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केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई शिक्षा नीति पूरा करेगी। एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र संगठन और उन्नत भारत अभियान के युवा गांवों और आम लोगों को इस नीति के बारे में जागरूक करेंगे। इसके अलावा ग्रामीण व दूर-दराज के इलाकों तक नीति को लागू करने में सहयोग करेंगे। केंद्रीय रक्षा मंत्री केंद्रीय शिक्षा और खेल मंत्रालय द्वारा नई शिक्षा नीति पर आयोजित वेबिनार को इन संगठनों के युवाओं को संबोधित कर रहे थे।

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राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। युवा हमारी वह ताकत हैं, जिनकी मदद से हम बड़ा से बड़ा मुकाम हासिल कर सकते हैं। आप सभी को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020की बुनियादी बातों को देश के कोने-कोने में पहुंचाकर शिक्षित राष्ट्र के निमार्ण में भागीदार बनना चाहिए।

इस प्रक्रिया में आम जनता, विभिन्न संगठन और सरकार सभी की भागीदारी समान रूप से महत्वपूर्ण है।  यह नीति किसी भी राष्ट्र के समुचित विकास के लिए आवश्यक सभी तत्वों पर समान बल देती है। नई नीति के द्वारा युवा तकनीकी व सैद्धांतिक शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ नैतिक, सामाजिक और भावनात्मक स्तर पर भी मजबूत होगा
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विवेकानंद, गांधी अंबेडकर के सपनों के भारत की नीति:
राजनाथ सिंह ने कहा कि यह प्राचीन और आधुनिक जीवन मूल्य चरित्र निर्माण, आत्म बल, सामाजिक और सामुदायिक भावना पैदा करने वाली शिक्षा की नीति है। दूसरे शब्दों में मैं कहूं तो यह स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी और डॉ. अंबेडकर के सपनों के भारत का निर्माण करने वाली शिक्षा नीति है।

पीढ़ियां सुधारनी हैं तो शिक्षा में निवेश करना चाहिए:
रक्षा मंत्री ने युवाओं को एक कहावत सुनाते हुए कहा कि जिंदगी सुधारनी है तो व्यवसाय में निवेश करना चाहिए पर पीढ़ियां सुधारनी हैं तो शिक्षा में निवेश करना चाहिए। मैं समझता हूं कि यह नीति हमारे देश भर के प्रबुद्ध जनों द्वारा किए गए वैचारिक निवेश का प्रतिफलन है। यह सही मायनों में एक राष्ट्रीय शिक्षा नीति है।  इसका लागू होना शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक व दूरदृष्टि वाली शुरुआत है। मेरा विश्वास है कि सभी के सहयोग से पूरी शिक्षा व्यवस्था ऊजार्वान और समर्थ बनेगी। कौशल के आधार पर आत्मनिर्भर भारत बनाने का जो संकल्प लिया गया है वह इस राष्ट्रीय शिक्षा नीति के द्वारा प्रभावी ढंग से  पूरा होगा। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में यह पहली ऐसी नीति है जिसमें ढाई लाख ग्राम पंचायतों, 6600 ब्लाकों और 676 जिलों की भागीदारी रही है। यह बड़ी संख्या में शिक्षकों, शिक्षाविदों, अभिभावकों और अन्य नागरिकों द्वारा दिए गए दो लाख से अधिक सुझावों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

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