केंद्रीय मंत्री और दिग्गज बीजेपी नेता नितिन गडकरी के खिलाफ लगाए गए आरोप वापस न लेने पर अड़े आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान केजरीवाल ने जस्टिस के कहने के बावजूद आरोप वापस लेने से मना कर दिया। केजरीवाल के इस रवैये के बाद अदालत ने आप संयोजक के खिलाफ आईपीसी की धारा 499 और 500 के अंतर्गत आरोप तय किए गए हैं।
बता दें कि केजरीवाल ने चुनाव प्रचार के दौरान गडकरी को भ्रष्टाचारी करार दिया था। जिसके बाद गडकरी ने अदालत में याचिका दायर करते हुए केजरीवाल छवि खराब करने का आरोप लगाया था। इस मामले में केजरीवाल को दो साल तक की सजा हो सकती है।
'किसी से भी लड़ सकता हूं'
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल, बीजेपी नेता नितिन गडकरी की ओर से दर्ज कराई गई आपराधिक मानहानि की शिकायत के मामले में शुक्रवार को कोर्ट में पेश हुए।
सुनवाई के दौरान अदालत ने केजरीवाल और गडकरी से मामला खत्म करने को कहा है। कोर्ट की टिप्पणी के बाद गडकरी ने कहा कि वह केस को जारी नहीं रखना चाहते लेकिन जब वह गलत नहीं हैं तो किसी से भी लड़ सकते हैं।
बता दें कि मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गोमती मनोचा ने रिहाई के लिए जमानती मुचलका भरने से इनकार करने पर केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 23 मई को बढ़ा दी थी। मामले में सुनवाई की नई तारीख 6 जून तय की गई थी।
जिद पर अड़े केजरीवाल
सुनवाई के दौरान अदालत ने अरविंद केजरीवाल को केस वापस लेने के बारे में पूछा लेकिन केजरीवाल अभी भी अपनी जिद पर अड़े हैं। केजरीवाल ने कहा कि उनकी गडकरी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है लेकिन वह केस वापस नहीं लेंगे।
गडकरी के वकील अनिल सोनी ने बताया कि गडकरी ने कोर्ट में कहा है कि अगर केजरीवाल अपने आरोप वापस ले लेते हैं वो भी केस वापस ले लेंगे।
उधर, इस मामले में अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वह देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम छेड़े हुए हैं और वह इससे पीछे नहीं हटेंगे।
'सबूत दें केजरीवाल'
बीजेपी के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अगर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के सबूत हैं तो केजरीवाल उन्हें कोर्ट में पेश करें।
वहीं, बीजेपी नेता नलिन कोहली ने कहा है कि आम आदमी पार्टी में सुर्खियों में बने रहने की भूख है। इसी का नतीजा है कि उनकी अंदरूनी कलह भी बाहर आ रही है।