एशिया की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी आजादपुर में सोमवार से चौबीसों घंटे व्यापार होगा। कोरोना के कारण लगातार व्यापार में हो रहे घाटे और किसानों की खराब हो रही आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
मंडी में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए व्यापारियों पर लागू किए गए सभी प्रतिबंधों को उठा लिया गया है। अब व्यापारी अपनी जरूरत के हिसाब से सामानों की खरीद-बिक्री कर सकेंगे। इसके पहले एक व्यापारी को एक दिन में एक ट्रक से अधिक सामान मंगवाने पर रोक लगा दी गई थी।
हालांकि, व्यापार के दौरान कोरोना संक्रमण रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और आने-जाने वालों को सैनिटाइज करने का काम जारी रहेगा। इसकी सख्त निगरानी की जाएगी।
आजादपुर मंडी के चेयरमैन आदिल अहमद खान ने अमर उजाला को बताया कि किसानों की लगातार मांग थी कि सीजन को देखते हुए उन्हें व्यापार करने की अनुमति दी जाए, अन्यथा पूरे वर्ष उनके लिए आर्थिक संकट से उबरना मुश्किल हो जाएगा।
इसे देखते हुए चौबीसों घंटे मंडी में व्यापार करने की अनुमति दी गई है। लेकिन मंडी में अनावश्यक भीड़-भाड़ रोकने के लिए टोकन सिस्टम की शुरुआत की जा रही है।
मंडी में सुबह एक हजार टोकन बांटे जाएंगे। इन टोकन को लिए हुए व्यापारी ही मंडी में व्यापार करेंगे। इसके तीन घंटे के बाद दोबारा एक हजार टोकन अन्य व्यापारियों को दिए जाएंगे।
इसी प्रकार हर तीन घंटे के बाद एक-एक हजार टोकन दिए जाएंगे जबकि अपना काम खत्म कर चुके व्यापारी अपना टोकन जमा कराते रहेंगे, जिसे बाद में दूसरे व्यापारियों को दिया जाएगा।
पूरी मंडी में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। वीडियोग्राफी के जरिए सोशल डिस्टेंसिंग पर निगरानी रखी जाएगी। कहीं भी गड़बड़ी पाए जाने पर लोगों को सावधान करने के लिए 50 पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम भी लगाया जा रहा है जिससे हर जगह लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के लिए सतर्क किया जा सके।
व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन से अतिरिक्त सुरक्षाबलों की भी मांग की गई है। 600 सिविल डिफेंस के सहयोगी और प्रत्येक नगर निगमों से 200 प्रत्येक (कुल 600) सफाई कर्मचारियों की भी मांग की गई है जिससे मंडी में सफाई को सुनिश्चित किया जा सके।
बाजार में होर्डिंग को रोकने और अनावश्यक भीड़-भाड़ को रोकने के लिए अधिक सामान मंगवाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। नियमों का उल्लंघन करने के कारण कई व्यापारियों के लाइसेंस कैंसल कर दिये गए थे।
लेकिन आज से सभी 2800 आढ़तियों के लाइसेंस दोबारा चालू कर दिये गए हैं। अब सभी व्यापारी अपनी जरूरत के हिसाब से व्यापार कर सकेंगे।
देश के कई हिस्सों में जरूरी सेवाओं के व्यापार को सोमवार से अनुमति दी जा चुकी है। लेकिन एशिया की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी में यह फैसला लागू न होने से देश के दूसरे हिस्से के किसानों के हितों पर भी चोट पड़ती और दूसरे हिस्सों को अनुमित मिलने के बाद भी उन्हें लाभ न मिल पाता।
यही कारण था कि व्यापारी और किसान लगातार आजादपुर मंडी प्रशासन से मांग कर रहे थे कि उन्हें नियमों का पालन करते हुए व्यापार की अनुमति दी जाए। इसे देखते हुए आजादपुर मंडी प्रशासन ने यह बड़ा फैसला लिया।