जगत गुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को लेकर अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया। शिरडी साईं बाबा पर आपत्तिजनक बयान देने के मामले में शिकायत दायर कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई थी। अदालत शिकायत पर एक अक्तूबर को अपना फैसला सुनाएगी।
तीस हजारी स्थित महानगर दंडाधिकारी पवन सिंह राजावत ने स्वरूपानंद सरस्वती के खिलाफ दायर शिकायत पर पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट व शिकायकर्ता की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। अधिवक्ता प्रेम शंकर शर्मा ने शिकायत दायर कर सरस्वती के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी।
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शिकायत पर बृहस्पतिवार को बहस करते हुए अधिवक्ता शर्मा ने कहा कि स्वरूपानांद सरस्वती ने साईं बाबा पर बेहद आपत्तिजनक बयान दिया था। इससे हिंदुओं की धार्मिक भावना व विश्वास को ठेस पहुंची है और यह बयान हिंदुओं के बीच सद्भाव बिगाड़ने वाला है।
आरोप है कि सरस्वती ने 23 व 24 जून 2014 को कहा कि साईं बाबा न संत हैं और न भगवान। जो लोग साईं बाबा की पूजा करते हैं, वह लोग हिंदू नहीं हैं। साईं की पूजा करने वालों को पवित्र गंगा में स्नान नहीं करना चाहिए, न हिंदू देवी देवताओं की पूजा करनी चाहिये और न हर हर महादेव का नारा लगाना चाहिए।