एमसीडी में अप्रैल 2027 में महापौर और उपमहापौर का चुनाव होगा या फिर एमसीडी के नए सदन के गठन के लिए चुनाव कराए जाएंगे, इस पर जल्द स्थिति स्पष्ट होगी। वर्तमान सदन में छठे वित्तीय वर्ष के लिए महापौर और उपमहापौर का चुनाव कराने की स्थिति पर एमसीडी ने अपने स्टैंडिंग काउंसिल (वकील) से कानूनी राय लेने के लिए फाइल भेज दी है। एमसीडी के विधि विभाग ने इस मामले में उनसे राय लेने का सुझाव दिया था। स्टैंडिंग काउंसिल की राय के बाद आगे की कार्रवाई के लिए यह मामला उपराज्यपाल के समक्ष जाएगा।
दरअसल, एमसीडी के सदन का कार्यकाल पांच वर्ष होता है, जबकि महापौर और उपमहापौर का कार्यकाल वित्तीय वर्ष के अनुसार तय होता है। चुनाव के बाद सदन की पहली बैठक में महापौर और उपमहापौर का चुनाव कराने का प्रावधान है। इसके बाद हर वर्ष अप्रैल में सदन की पहली बैठक में महापौर का चुनाव होता है। वर्तमान सदन में पांच वित्तीय वर्षों के लिए महापौर और उपमहापौर चुने जा चुके हैं, लेकिन सदन का पांच साल का कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में अप्रैल 2027 में महापौर व उपमहापौर का चुनाव कराने को लेकर कानूनी स्थिति स्पष्ट करना जरूरी माना जा रहा है।
शुरुआती चुनाव में हंगामे से बदला था कार्यक्रम
वर्तमान सदन के लिए दिसंबर 2022 में चुनाव हुए थे। जनवरी 2023 में सदन की पहली बैठक में भाजपा और आम आदमी पार्टी के पार्षदों के हंगामे के कारण महापौर और उपमहापौर का चुनाव नहीं हो सका। फरवरी 2023 में चुनाव हुआ और मार्च में कार्यकाल समाप्त होने के बाद अप्रैल में फिर चुनाव कराया गया। अप्रैल 2024 में भी तय समय पर चुनाव नहीं हो सका।
उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जेल में होने के दौरान चुनाव कराने से संबंधित फाइल दिल्ली सरकार से उपराज्यपाल के पास नहीं पहुंची। इसके बाद उपराज्यपाल ने चुनाव होने तक तत्कालीन महापौर को सदन की बैठक जारी रखने की अनुमति दी। आखिरकार सितंबर 2024 में महापौर का चुनाव हुआ। हालांकि, 2025 और 2026 में चुनाव समय पर हुए।
स्टैंडिंग काउंसिल की राय पर टिकी निगाहें
एमसीडी के इतिहास में वर्तमान सदन जैसी स्थिति पहले सामने नहीं आई है। पांच वित्तीय वर्षों के लिए महापौर और उपमहापौर चुने जाने के बावजूद सदन का पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में एमसीडी यह स्पष्ट करना चाहता है कि अप्रैल 2027 में छठे वित्तीय वर्ष के लिए फिर चुनाव कराए जा सकते हैं या उस समय नए सदन के गठन की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। स्टैंडिंग काउंसिल की कानूनी राय के बाद एमसीडी आगे का रास्ता तय करेगी। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि अप्रैल 2027 में महापौर-उपमहापौर का चुनाव होगा या एमसीडी के आम चुनाव की तैयारी शुरू होगी।