जो लोग महिलाओं को वस्तु या हवस मिटाने का जरिया समझते हैं और उनके जज्बातों व भावनाओं के लिए कोई हमदर्दी नहीं है, ऐसे लोगों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए। शादी का झांसा देकर युवती से कई साल तक दुष्कर्म करने वाले शादीशुदा शख्स को दस साल कैद की सजा सुनाते हुए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने यह बात कही।
द्वारका जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने चंद्रहास यादव को दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए सोमवार को दस साल कैद व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन के मुताबिक चंद्रहास यादव पीड़िता को पांच साल से जानता था।
उसने शादी का झांसा देकर पीड़िता से पहली बार 14 फरवरी 2008 को दुष्कर्म किया था। उसने पीड़िता को नवंबर 2013 में पीड़िता को बताया कि वह शादीशुदा है और उससे शादी नहीं कर सकता। इसके बाद पीड़िता ने डाबड़ी थाने में चंद्रहास के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज करवाया था। पुलिस ने चंद्रहास को 29 नवंबर 2013 को गिरफ्तार कर लिया था।