-टूटी गलियों और सड़क पर पड़े मलबे से लोगों का निकलना मुश्किल, नालियां जाम होने से भर रहा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। शकरपुर में आईजीएल की ओर से पाइपलाइन बिछाने के लिए की गई खुदाई के करीब दो महीने बाद भी गलियों की हालत नहीं सुधरी है। खुदाई से निकला मलबा गलियों में पड़ा है और टूटी कंक्रीट की मरम्मत भी नहीं कराई गई है। इससे लोगों को आने-जाने और घरों के सामने वाहन खड़े करने में परेशानी हो रही है। वहीं, मलबा नालियों में गिरने से जलनिकासी बाधित हो रही है और गलियों में पानी भरने की समस्या भी सामने आ रही है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि पाइपलाइन बिछाने के लिए गलियों की खुदाई की गई थी, लेकिन काम पूरा होने के बाद न तो मलबे का निस्तारण किया गया और न ही गलियों को पहले की तरह दुरुस्त कराया गया। जगह-जगह मलबा और टूटी कंक्रीट पड़े होने से रास्ते संकरे हो गए हैं। लोगों को पैदल आने-जाने और वाहन निकालने में भी परेशानी होती है। बारिश होने या पानी जमा होने की स्थिति में यह समस्या और बढ़ जाती है।
अपने घर के आगे से मलबा हटवाना भी समाधान नहीं
शकरपुर निवासी और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने वाले अशोक शर्मा ने बताया कि खुदाई हुए करीब दो महीने हो चुके हैं, लेकिन अब तक मलबा नहीं हटाया गया है। गलियों की मरम्मत भी नहीं हुई है। वहीं, स्थानीय निवासी लखमी त्यागी ने कहा कि कोई व्यक्ति अपने घर के सामने से पैसे खर्च करके मलबा हटवा भी ले, लेकिन पूरी गली का मलबा हटवाना किसी एक व्यक्ति के लिए आसान नहीं है।
स्थानीय निवासी ऊषा ने बताया कि मलबा और टूटी कंक्रीट बार-बार नालियों में गिर जाती है, जिससे नालियां जाम हो जाती हैं और गलियों में पानी जमा होने लगता है। लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग जल्द मलबा हटवाए और गलियों की मरम्मत कराए, ताकि उन्हें रोजाना होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।