बंद गुसलखाने में पानी गर्म करते समय गीजर से गैस लीक होने से दो साल के बच्चे और उसकी मां की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
एनआईटी एक आर्य समाज रोड निवासी अनिल अरोड़ा के यहां बुधवार को लोहड़ी पर्व की तैयारियां चल रही थीं। एनआईटी पांच में रहने वाली बेटी को शाम को लोहड़ी देने के लिए जाना था।
इसके लिए परिवार वाले तैयारी कर रहे थे। दोपहर को उनकी बहू शिल्पा(24) अपने दो साल के बेटे रियांश को नहलाने के लिए गुसलखाने ले गई। पानी गर्म करने के लिए उन्होंने गुसलखाने में लगा गैस गीजर ऑन कर दिया, इसके बाद दरवाजा बंद कर बच्चे को नहलाने लगीं।
शिल्पा और रियांश बेसुध पड़े हुए मिले
काफी देर के बाद मां-बेटे के बाहर नहीं आने पर काम करने वाली मंजीता ने गुसलखाने का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। इस पर उसने घर वालों को बताया।
धक्का देकर दरवाजा खोला गया तो अंदर शिल्पा और रियांश बेसुध पड़े हुए मिले। दोनों को आनन-फानन पास ही स्थित एस्कॉर्ट्र्स अस्पताल पहुंचाया गया, वहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलने पर थाना कोतवाली प्रभारी सुमन कुमार और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। थाना कोतवाली प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला बाथरूम में गैस रिसने के कारण दम घुटने से मौत का लग रहा है। बाकी स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
इसलिए घातक होते हैं गैस गीजर
बंद बाथरूम में गैस गीजर का प्रयोग खतरनाक साबित होता है, क्योंकि गीजर ऑन होने पर ज्वलनशील गैस बंद बाथरूम के अंदर ऑक्सीजन को जला देती है। इस दौरान कार्बन डाईऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है।
ऑक्सीजन की कमी के चलते शरीर के अंग प्रभावित होते हैं। व्यक्ति गहरी बेहोशी में चला जाता है। समय समय पर गैस पाइप भी चेक करना चाहिए। सिलेंडर की ब्यूटेन-प्रोपेन गैस भी ज्वलनशील होने के साथ ही जहरीली होती है। गैस रिसाव से भी व्यक्ति को नुकसान हो सकता है।
गैस का गीजर बाथरूम के अंदर नहीं बल्कि खुली जगह में लगाना चाहिए। बाथरूम में लगा होने पर एग्जास्ट फैन लगा होना जरूरी है। बाथरूम में खिड़की आदि की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि गैस का घनत्व कम रहे।