स्वर्ण नगरी में रहने वाली एक अध्यापिका की स्वाइन फ्लू से मौत होने से शहर के लोगों में दहशत है। मगर इस घटना के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं टूटी है। बल्कि विभाग के अफसरों ने घटना की जानकारी होने से ही इनकार कर दिया है।
ग्रेनो सेंट जोसफ स्कूल में शिक्षिका सुविना स्वर्ण नगरी में परिवार के साथ रहती थीं। उनके पति हरिद्वार में हीरो कंपनी में एजीएम के पद पर कार्यरत हैं। बड़ा बेटा कशिश कंपनी में आईटी कंसलटेंट है, जबकि दूसरा बेटा अभी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। 18 दिसंबर को सुविना को परेशानी शुरू हुई थी, जिसके बाद उन्होंने अपने पारिवारिक डॉक्टर से सलाह लेकर दवाई ले ली थी।
स्कूल में बोर्ड परीक्षा को लेकर सुविना पर काफी जिम्मेदारी थी और स्कूल की छुट्टियां होने वाली थी। इसलिए उन्होंने छुट्टी नहीं ली और काम करती रहीं। 23 दिसंबर को स्कूल गई थीं, मगर तबीयत खराब होने के कारण जल्दी ही घर चली गईं। उसी रात को ज्यादा तबीयत खराब हुई, तो पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वहां से सुविना को दिल्ली के गंगाराम अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि की। लंबे समय से चल रहे इलाज के बाद सात जनवरी की रात उनकी मौत हो गई। ग्रेटर नोएडा में स्वाइन फ्लू से होने वाली मौत के बाद शहर के लोग सकते में आ गए हैं और काफी डरे हुए हैं। लोगों का कहना है कि गंभीर बीमारी स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है।