फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस परिवार पर जब कहर बनकर उतरी मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
यमुना एक्सप्रेस वे पर मंगलवार तड़के घने कोहरे के कारण खराब वाहन एक बार फिर तीन मौत का करण बना गया। जीरो प्वांइट से करीब 16 किलोमीटर पर चपरगढ़ के पास खराब खड़े ट्रॉले से एक मारूति वैन टकरा गई।
विज्ञापन


वैन में सवार मां-बेटी मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक व्यक्ति ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस दुर्घटना में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

मंगलवार तड़के यमुना एक्सप्रेस-वे पर चपरगढ़ के पास एक ओवरलोड ट्रॉला खराब खड़ा हुआ था। तभी ग्रेटर नोएडा से आगरा की ओर जा रही एक मारूति वैन ट्रॉले में पीछे से टकरा गई, जिसमें कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
विज्ञापन

कार में थे एक ही परिवार के सात लोग

कार में एक ही परिवार के सात लोग सवार थे। हादसे में कार सवार उत्तम नगर दिल्ली निवासी पुनम (35 वर्ष) उसकी दो वर्ष की मासूम बेटी शैली की मौके पर ही मौत हो गई। पूनम के पति विजय (32 वर्ष), पिता सोहनपाल (65 वर्ष), मामा मनीराम, भतीजा अंशुल (3 वर्ष) और कुमकुम गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसे की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे एक्सप्रेस-वे कर्मियों ने घायलों को कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान सोहनपाल ने दम तोड़ दिया। अस्पताल में बाकी घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।

पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के कराने के बाद परिजनों को सौंप दिए हैं। थाना प्रभारी प्रवीन कुमार का कहना है कि परिजनों की ओर से अभी तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर आने पर ट्रॉला चालक के खिलाफ  काईवाई की जाएगी।
विज्ञापन

बेटी के मुडंन के लिए कासगंज जा रहा था परिवार

पूनम के भाई संतोष ने बताया कि कासगंज में पूनम का मायका है। उसकी शादी दिल्ली के उत्तम नगर निवासी विजय के साथ हुई थी। उनकी मासूम बेटी शैली के मुडंन की रस्म उसके मामा के यहां होनी थी।

दो दिन पहले ही पूनम के पिता सोहनपाल और भाई मनीराम उसे मायके ले जाने के लिए दिल्ली आए थे। मंगलवार सवेरे ही पूनम अपनी बेटी और पति समेत परिवार के साथ अपनी कार से कासगंज के लिए निकले थे।

सर्दियों में कोहरा आम बात है, लेकिन पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने इस संबंध में कोई उपाय नहीं किए है। यमुना और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे पर 70 फीसदी वाहनों में रिफ्लेक्टर तक नहीं लगे हैं। इससे तेज गति से दौड़ने वाले वाहनों को आगे वाले वाहन दिखाई तक नहीं देते है और हादसे हो जाते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें