वह पार्ट टाइम नाई का भी काम करता था। रविवार की सुबह जब काफी देर तक उसका दरवाजा नहीं खुला तो बिल्डिंग के केयरटेकर ने उसे आवाज लगाई। लेकिन, अंदर से कोई जवाब नहीं मिला तो उसने खिड़की से झांककर देखा तो उसका रक्तरंजित शव मिला। जिस पर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया गया।
सूचना पाकर मानेसर थाना पुलिस, फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू कर दी। शव के पास एक थाली मिली, जिसमें रक्त था। वहीं, उसके सामने एक मूर्ति भी रखी थी। हाथ के पास एक ब्लेड भी पुलिस को मिला। इसके चलते माना जा रहा है कि रामकृपाल ने खुदकुशी की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पूजा-अर्चना में लगा रहता था रामकृपाल
जिस भवन में किराए पर रहने वाले रामकृपाल ने खुदकुशी की, उस भवन में रहने वाले अन्य पड़ोसियों का कहना है कि रामकृपाल पूजा-पाठ में ज्यादा ही लगा रहता था। यही नहीं, वह लोगों से बातचीत भी कम ही करता था। यहां तक कि वह मोबाइल का प्रयोग भी नहीं करता था। इसके अलावा किसी इलेक्ट्राॅनिक्स उपकरण का प्रयोग नहीं करता था। जिसके चलते यह भी माना जा रहा है कि उसने पूजा-अर्चना के चलते खुद की बलि चढ़ा दी।
मानेसर थाना के उप निरीक्षक बलवान ने बताया कि अभी कोई सबूत नहीं मिला है। मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। परिजनों के आने के बाद ही कार्रवाई की जा सकेगी। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि रामकृपाल की हत्या नहीं हुई है, उसने खुदकुशी की है। फिर भी पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।