पीड़िता आसमा, अस्पताल के बाहर बैठकर रोती रही।
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जिला अस्पताल, नोएडा में तीन दिन से महिला गर्भ में मरे हुए बच्चे को लेकर भर्ती रही, लेकिन डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने की जहमत नहीं उठाई। मंगलवार को परेशान होकर महिला वॉर्ड से बाहर निकलकर अस्पताल परिसर में जोर-जोर से रोने लगी, तब भी डॉक्टरों का दिल नहीं पसीजा।
अमर उजाला संवाददाता ने पीड़िता की बात सुनी और कार्यवाहक सीएमएस से बात की तब जाकर महिला का ऑपरेशन किया गया। हरौला निवासी आसमा ने बताया कि उसका बच्चा पेट में कोई हरकत नहीं कर रहा था। डॉक्टर के कहने पर उसने सेक्टर-19 के एक निजी नर्सिंग होम में अल्ट्रासाउंड कराया।
डॉक्टर ने बताया कि बच्चा मर चुका है। उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि निजी अस्पताल में बच्चे को निकलवा सके। पति मुन्ना शनिवार को उसे जिला अस्पताल ले आया। आरोप है कि डॉक्टरों ने भर्ती तो कर लिया, लेकिन इलाज नहीं किया।