अपनी मौत की झूठी कहानी गढ़ने वाले आरटीआई कार्यकर्ता व आम आदमी पार्टी से जुड़े चंद्रमोहन शर्मा की चालाकी करीब चार माह चल पाई।
जिस प्रेमिका के साथ जीवन बसाने के लिए उसने यह सारा ड्रामा रचा था, उससे पिंड छुड़ाने की कोशिश में वह धरा गया। चंद्रमोहन बंगलूरू में नितिन के नाम से रह रहा था।
बृहस्पतिवार शाम को एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि कार में मिला शव एक विक्षिप्त व्यक्ति का था, जिसे चंद्रमोहन और उसके साले विदेश ने मारकर आग के हवाले कर दिया था।
इसके बाद वह नाम बदलकर बंगलूरू में अपनी कथित प्रेमिका के साथ रह रहा था। पुलिस के अनुसार एक मई को उसने विक्षिप्त व्यक्ति को परी चौक के अंसल प्लाजा से उठाया और गला दबाकर मार डाला।