दिल्ली जिला क्रिकेट एसोसिएशन में भ्रष्टाचार और अनियमितता की जांच पर बनी कमेटी ने दिल्ली सरकार से डीडीसीए को निलंबित करने की सिफारिश की है।
जांच कमेटी ने दिल्ली सरकार को डीडीसीए पर रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार को बीसीसीआई से डीडीसीए को निलंबित करने की सिफारिश करनी चाहिए। इसके अलावा रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि डीडीसीए की कमान पूर्व क्रिकेटरों को दी जाए। साथ ही इसे आरटीआई के दायरे में रखा जाए।
वहीं दूसरी ओर दिल्ली हाईकोर्ट ने डीडीसीए को फटकार लगाते हुए पूछा है कि उसने इस मामले पर अदालत तक आने में देर क्यों लगी?
जांच रिपोर्ट में इन पांच बिंदुओं की सिफारिश
दिल्ली सरकार की ओर से बनाई गई जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में 5 प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया है।
1. डीडीसीए को निलंबित करने की सिफारिश।
2. एसोसिएशन की कमान पूर्व क्रिकेटरों को दी जाए।
3. डीडीसीए को भ्रष्टाचार निरोधक कानून के दायरे में रखा जाए।
4. दिल्ली सरकार सिफारिश पर जस्टिस लोढ़ा कमेटी से सलाह ली जाए।
5. डीडीसीए को आरटीआई के दायरे में रखा जाए।
गौरतलब है कि इस मामले पर बीसीसीआई के सचिव अनुराग ठाकुर ने भी बयान दिया है कि अगर दिल्ली में मौजूदा टेस्ट सीरीज का चौथा टेस्ट मैच नहीं होता है तो फिरोजशाह कोटला में टी-20 वर्ल्ड का भी कोई मैच नहीं खेला जाएगा।
चौथे टेस्ट मैच और वर्ल्ड कप मेजबानी पर खतरा
वहीं कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने भी डीडीसीए पर हमला बोला है। कीर्ति आजाद ने डीडीसीए को भ्रष्टाचार की मांद करार दिया है।
बता दें कि डीडीसीए के मामले के चलते दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाने वाला चौथा टेस्ट मैच भी खतरे में पड़ गया है। ये मैच 3 दिसंबर से खेला जाना है।
इससे पहले पूर्व भारतीय कप्तान बिशन सिंह बेदी और मदनलाल भी डीडीसीए को लेकर अरविंद केजरीवाल से मिल चुके हैं। उन्होंने सीएम से डीडीसीए को सही ट्रैक पर लाने के लिए हस्तक्षेप की मांग की थी।