दिल्ली में जमीनों को अतिक्रमण से बचाने के लिए डीडीए अब ई-तकनीक का सहारा लेगा। इसके लिए विभाग ने एक मोबाइल एप तैयार किया है, जो 20 अक्तूबर से काम करना शुरू कर देगा। साथ ही खाली भूमि की सभी विकास योजनाओं को वेबसाइट पर अपलोड करने का भी निर्णय लिया है।
डीडीए मुख्यालय में मंगलवार को भूमि सुरक्षा को लेकर डीडीए उपाध्यक्ष अरुण गोयल के साथ वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक हुई। करीब तीन सौ अधिकारियों व कर्मचारियों की इस बैठक में भूमि बचाव के लिए विभिन्न पहलुओं और कठिनाइयों पर चर्चा की गई। साथ ही निर्णय लिया गया कि भूमि सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
डीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि मोबाइल एप्लीकेशन के लिए करीब दो हजार प्लॉटों का डाटाबेस तैयार किया गया है। भूमि संरक्षण के सभी प्रभारी अधिकारियों को एंड्रॉयड मोबाइल खरीदने के लिए कहा गया है, जिससे वे एप्लीकेशन डाउनलोड कर सकें। सभी अधिकारियों को लॉग-इन-आईडी व पासवर्ड दिया जाएगा और हर अधिकारी अपने जोन की भूमि के लिए जिम्मेदार होगा।
डीडीए सर्वर पर सभी खाली प्लॉटों की जानकारी अपलोड की जाएगी। एक क्लिक पर संबंधित प्लॉट का विवरण और उसकी स्थिति मोबाइल स्क्रीन पर दिखाई देगी। इसकी नियमित निगरानी की जाएगी। साप्ताहिक आधार पर खाली जमीन का फोटो सर्वर पर अपलोड किया जाएगा। अतिक्रमण होने पर भूमि प्रबंधन विभाग जिम्मेदार होगा।
अतिक्रमण हटाने के बाद मलबे और कचरे को हटाने की जिम्मेदारी जोन के नोडल अधिकारी की होगी। मोबाइल एप्लीकेशन 20 अक्तूबर से काम करना शुरू कर देगा। बैठक में दो सप्ताह के भीतर खाली भूमि की सभी बड़ी पॉकेट पर चारदीवारी कराने का भी निर्णय लिया गया।