फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आवेदन मांगे 18 हजार फ्लैट के, डीडीए ने ऑनलाइन ड्रा निकला महज 8,438 का

Tue, 23 Jul 2019 11:08 PM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
डीडीए के ड्रॉ निकाले - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की आवासीय योजना- 2019 के तहत 18 हजार फ्लैट के लिए आवेदन मांगे गए थे। लेकिन आवेदकों की संख्या उम्मीद से कम होने के कारण डीडीए ने 10294 फ्लैट के लिए ड्रा निकालने का निर्णय लिया। 
विज्ञापन


हालांकि मंगलवार को महज 8,438 फ्लैट का ही ड्रा निकला। बीते मार्च में आई इस योजना के लिए करीब 45 हजार लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। 

पहली बार डीडीए की इस ऑनलाइन योजना के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस एस एन अग्रवाल, आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर अंशुल कुमार और एनआईसी के डिप्टी डीजी विष्णु चंद की मौजूदगी में ड्रॉ निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई। 

योजना के तहत एचआईजी, एमआईजी और एलआईजी के अलावा ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए भी फ्लैट तय किए गए थे। लेकिन डीडीए के अनुसार ईडब्ल्यूएस वर्ग के तहत आवेदन काफी कम प्राप्त हुए। 
विज्ञापन
Trending Videos

 साथ ही नरेला इलाके के फ्लैट को लेकर भी आवेदकों में दिलचस्पी कम देखने को मिली। इससे पहले डीडीए ने कहा था कि योजना के तहत दिल्ली के वसंत कुंज और नरेला औद्योगिक इलाकों में करीब 18 हजार नवनिर्मित फ्लैटों की बिक्री होनी है, जिसके लिए डीडीए को लगभग 50 हजार आवेदन मिले हैं। 

अधिकारियों ने हालांकि यह नहीं बताया कि प्रस्तावित फ्लैटों और आवेदकों की संख्या में कमी क्यों आई है? दरअसल डीडीए के इस लकी ड्रा कार्यक्रम में रैंडम नंबर जनरेशन सिस्टम के आधार पर निकाले जाते हैं। 

लॉटरी सिस्टम से बाहर आने वालों को फ्लैट अलॉट किया जाता है, वहीं जिनका नाम नहीं निकला उनके पैसे रिफंड कर दिए जाते हैं। अब बताया जा रहा है कि डीडीए करीब चार हजार फ्लैट् की बिक्री के लिए दोबारा आवेदन मांगेगा। डीडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसी सप्ताह यह प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

 अधिकारी ने बताया कि इससे पहले तक डीडीए 399 आवासीय योजनाओं का ड्रा निकाल चुका ह्रै। मंगलवार को 400 वीं आवासीय योजना के लिए ड्रॉ  निकाला गया था। 

नरेला के कई फ्लैट के लिए आवेदन तक नहीं मिले

डीडीए के अनुसार नरेला में कई फ्लैट के लिए आवेदन तक नहीं मिले हैं। चेयरमैन तरुण कपूर ने बताया कि एचआईजी और एमआईजी के लिए ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए। वसंत कुंज में एक एचआईजी और एमआईजी के लिए 20-30 आवेदन तक मिले। 

इसके अलावा ईडब्ल्यूएस वर्ग के तहत 954 आवेदन प्राप्त हुए थे। जबकि योजना में करीब 2616 फ्लैट उपलब्ध थे। वसंत कुंज के बी ब्लॉक के एमआईजी फ्लैट के लिए डीडीए को सबसे अधिक आवेदन मिले। 

यहां 579 फ्लैट के लिए डीडीए को 18,002 आवेदन मिले। जबकि नरेला के ईडब्ल्यूएस में ए-1 ब्लॉक में 6536 फ्लैट के लिए सिर्फ 710 और जी-7 ब्लॉक में 960 फ्लैट के लिए 276 आवेदन मिले। 18 हजार फ्लैट वाली इस योजना में अभी भी करीब 5 हजार ईडब्ल्यूएस और 4 हजार एलआईजी फ्लैट बचे हैं। इन्हें लेकर जल्द ही डीडीए आगे का फैसला लेगा। 

12 आवेदन खारिज, पेन कार्ड से पकड़े

डीडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह आवासीय योजना एक फ्लैट एक आवेदन के नियम पर था। लेकिन करीब 12 आवेदक ऐसे थे, जिन्होंने दो- दो बार आवेदन किया था। इनके पैन कार्ड पर अंकित नंबर के आधार पर प्राधिकरण को सूचना मिली तो आवेदनों को खारिज कर दिया गया। इसके अलावा मंगलवार को ड्रॉ से पहले ही करीब 28 लोगों ने अपना आवेदन वापस ले लिया। 

दिव्यांग वर्ग में सरोज बनीं पहली अलॉटी
आवासीय योजना 2019 के ड्रा में पहली अलॉटी दिव्यांग वर्ग में सरोज यादव रहीं। इन्हें वसंतकुंज में एमआईजी का ग्राउंड फ्लोर फ्लैट मिला है। इनके अलावा सामान्य वर्ग में वेद प्रकाश ठाकुर को भी वसंतकुंज में फ्लैट अलॉट हुआ है। 

अब पांच लाख सस्ते में फ्लैट देगा डीडीए
बताया जा रहा है कि ईडब्ल्यूएस वर्ग के तहत कम आवेदन के कारण अब डीडीए इसकी कीमत कम करने पर विचार कर रहा है। अब तक ईडब्ल्यूएस वर्ग के तहत फ्लैट की कीमत करीब 17 लाख रुपये थी, जिसे आने वाले दिनों में 12 लाख रुपये तक किया जा सकता है। 
विज्ञापन

नरेला में कम आवेदन मिलने से मायूस डीडीए

डीडीए के चेयरमैन तरुण कपूर का कहना है कि नरेला इलाके में डीडीए के काफी बेहतर फ्लैट् बने हुए हैं, लेकिन कम आवेदन मिलने से मायूसी जरूर मिली है। पुरानी योजनाओं को देखते हुए डीडीए ने इस बार काफी खामियां दूर करते हुए योजना लांच की थी। बावजूद इसके कम आवेदन को लेकर अब डीडीए आने वाले दिनों में नरेला को ही अपना अगला लक्ष्य लेकर चल रहा है। 
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें