दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने दिल्लीवालों को छत का तोहफा दे दिया है। आवासीय योजना 2017 का ड्रा निकलने के साथ करीब 12 हजार लोगों का दिल्ली में मकान होने का सपना पूरा हो गया है।
डीडीए ने वेटिंग लिस्ट भी जारी कर दी है। इसमें 5 फीसदी लोगों को रखा गया है। सफल आवेदकों के फ्लैट वापस करने की हालत में ही वेटिंग लिस्ट में शामिल लोगों को फ्लैट मिलेगा। दूसरी तरफ लकी ड्रा से बाहर रह गए लोगों को डीडीए उनकी डिपॉजिट मनी लौटा देगा।
डीडीए अधिकारियों के मुताबिक, इस साल की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अगले साल डीडीए बीस हजार फ्लैट की नई आवासीय योजना लाएगा। डीडीए मुख्यालय विकास सदन में आयोजित ड्रा में कुल 12,617 आवेदक सफल हुए।
डीडीए ने सफल आवेदकों की लिस्ट अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। एक महीने के भीतर डीडीए आवेदकों को मांग पत्र व आवंटन पत्र सौंप देगा। तीन महीने में आवंटियों को फ्लैट की कीमत चुकनी होगी। इसके बाद डीडीए 12 फीसदी की ब्याज दर से भुगतान लेगा। इसमें नाकाम रहने पर छह माह के बाद आवंटन भी रद्द हो सकता है।
दो घंटे तक चली प्रक्रिया
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- फोटो : G. pal
आवासीय योजना कुल 46,182 फॉर्म की छटनी करने के बाद आवेदकों की संख्या 46,080 हो गई। करीब दो घंटे तक ड्रा प्रक्रिया चली। डीडीए की तकनीकी टीम की निगरानी और विशेष ज्यूरी की मौजूदगी में हुए ड्रा को पहली बार एनआईसी की सहायता से वेबसाइट पर लाइव प्रसारण किया गया।
पहले भाग्यशाली विजेता दिव्यांग श्रेणी के नागेश्वर राव और दूसरे एससी वर्ग के प्रदीप कुमार रहे। डीडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी फ्लैट रोहिणी, द्वारका, वसंतकुंज, जसोला, पीतमपुरा, पश्चिम विहार और सिरसपुर जैसी जगहों पर हैं।
आवंटी बेच सकते हैं फ्लैट
सफल आवेदकों को इस बार लॉकिंग टाइमिंग से मुक्त रखा गया है। आवंटी आगे फ्लैट बेच सकते हैं। पिछली योजना में सफल आवेदक पांच साल तक फ्लैट्स को नहीं बेच सकते थे।
प्रधानमंत्री आवास योजना
डीडीए प्रिंसिपल कमिशनर (आवास) जेपी अग्रवाल के मुताबिक, मौजूदा योजना के साथ आगे आने वाली डीडीए की सभी योजनायें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत होंगी। इससे सफल आवेदकों को उनके लोन के बैंक दर पर सब्सिडी मिलेगी।
रैंडम आधार पर हुआ ड्रा
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- फोटो : G. pal
डीडीए तकनीकी निदेशक वीएस तोमर के मुताबिक, रैंडम नंबर (आकस्मात) के आधार पर कंप्यूटरीकृत ड्रा निकाला गया। ओरेकल साफ्टवेयर पर आधारित प्रक्रिया में हर बार अलग-अलग अंक ही निकलते हैं, इसी सिस्टम को अपनाया गया था।
ड्रा में 804 पेज में सभी सफल आवेदकों के नाम वाले दस्तावेज पर भी ज्यूरी के अध्यक्ष व रिटायर्ड जज एसएन अग्रवाल व अन्य ने हस्ताक्षर किए। डीडीए अपनी योजना में अगले साल बीस हजार फ्लैट ला रहा है।
खुशी और गम का रहा माहौल
ड्रा देखने पहुंचे कई लोगों को मायूसी हाथ लगी तो कई के चेहरे खिल गए। डीडीए के डी ब्लॉक में बने सभागार में सुबह उम्मीदों के साथ आए सैकड़ों आवेदकों के चेहरे पर दोपहर होते-होते मायूसी छाई रही।
ड्रा की प्रक्रिया को सही तरह से स्क्रीन पर नहीं दिखाए जाने का उन्हें मलाल था। एक आवेदक दिनेश बजाज ने ड्रा की प्रक्रिया पर ही सवाल उठाया। उनका कहना था कि जैसी तकनीक को अपनाया गया है, इससे जान पड़ता है कि सब-कुछ पूर्व निर्धारित है, क्योंकि किस नंबर को कंप्यूटर में डालने पर क्या नंबर आएगा, यह भी तो सिस्टम में पहले से ही फीड किया जा सकता है।