योगेश कुमार की जिंदगी की डोर टूट गई, लेकिन उन्हें ग्रेनो वेस्ट के आम्रपाली ड्रीम वैली में बुक कराया आशियाना नहीं मिल पाया। यही नहीं अप्लास्टिक एनीमिया बीमारी के इलाज के लिए मांगने के बावजूद बिल्डर ने पैसे वापस नहीं किए।
आशियाने की चिंता और बीमारी दोनों के आगे हार मानते हुए 22 नवंबर को उन्होंने आखिरी सांस ली। आम्रपाली ड्रीम वैली बायर एसोसिएशन के सदस्य केके कौशल ने बताया कि योगेश कुमार अप्लास्टिक एनीमिया बीमारी से लड़ रहे थे और अपने इलाज के लिए पैसे वापस चाह रहे थे।
बिल्डर ने उन्हें पैसे वापस नहीं दिया। बैंक की किश्त, घर का किराया और उसके बाद बीमारी का खर्च, इन सबसे लड़ते-लड़ते उन्होंने दम तोड़ दिया। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बाद भी वह आम्रपाली के खिलाफ धरना प्रदर्शन में हमेशा आते रहते थे।
उन्होंने हमारा कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। योगेश गाजियाबाद के प्रताप विहार में किराये के मकान में रहते थे और नोएडा सेक्टर-62 की एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर थे। उनका सात साल का बच्चा भी है। उन्होंने 2010 में आम्रपाली ड्रीम वैली में वन बीएचके का घर बुक कराया था।